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नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों को हो सकती है ये बीमारी, शरीर में होता बड़ा बदलाव

  • Edited By Isha,
  • Updated: 07 Feb, 2019 11:07 AM
नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों को हो सकती है ये बीमारी, शरीर में होता  बड़ा बदलाव

नौकरीपेशा लोगों की लाइफ स्टाइल में अक्सर बदलाव आते रहते है खासकर अगर नाइट शिफ्ट में काम करना हो तो। रात को काम करने वालों की सेहत में कई तरह के बदलाव होना आम बात है इसके पीछे कारण नींद पूरी न होना। पर्याप्त नींद की कमी और रात में जागने से हमारी डीएनए की संरचना में क्षति हो सकती है। नाइट शिफ्ट करने से आप कई बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि किस तरह नाइट शिफ्ट आपकी सेहत पर असर डालती है। आइए जानते हैं नाइट शिफ्ट आपके लिए क्यों खतरनाक हो सकती है।


एनस्थेशिया एकेडमिक जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, रात्रि में काम करने वालों में डीएनए मरम्मत करने वाला जीन अपनी गति से काम नहीं कर पाता और नींद की ज्यादा कमी होने पर यह स्थिति और बिगड़ती जाती है।  जो व्यक्ति रात भर काम करते हैं, उनमें डीएनए क्षय का खतरा रात में काम नहीं करने वालों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक होता है। वैसे जो लोग रात में काम करते हैं और पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं, उनमें डीएनए क्षय का खतरा और 25 फीसदी बढ़ जाता है।


DNA पर खतरे का मतलब 
यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के रिसर्च एसोसिएट एस. डब्ल्यू चोई ने की मानें तो डीएनए पर खतरे का मतलब डीएनए की मूलभूत संरचना में बदलाव है। यानी डीएनए जब दोबारा बनता है, उसमें मरम्मत नहीं हो पाता है और यह क्षतिग्रस्त डीएनए होता है। शोध में 28 से 33 साल के स्वस्थ डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जिन्होंने तीन दिन तक पयार्प्त नींद ली थी। इसके बाद उन डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जिन्होंने रात्रि में काम किया था, जिन्हें नींद की कमी थी। चोई ने कहा कि शोध में यह पाया गया है कि बाधित नींद डीएनए क्षय से जुड़ा हुआ है। चोई ने कहा कि जब डीएनए में मरम्मत नहीं हो पाता तो यह खतरनाक स्थिति है और इससे कोशिका की क्षति हो जाती है। मरम्मत नहीं होने की स्थिति में डीएनए की एंड-ज्वाइनिंग नहीं पाती, जिससे ट्यूमर बनने का खतरा रहता है।
 

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