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Suicide Prevention Day: सुसाइड का एक कारण है डिप्रैशन, जानें कैसे करें बचाव

Suicide Prevention Day: सुसाइड का एक कारण है डिप्रैशन, जानें कैसे करें बचाव
Views:- Monday, September 10, 2018-1:32 PM

दुनियाभर में आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों में आत्महत्या की भावना को खत्म करना है। हालांकि इसे मनचाही मौत माना जाता है लेकिन सच तो यह है कि किसी मानसिक बीमारी के कारण भी लोगों में आत्महत्या की इच्छा प्रबल हो जाती है।
 

आधुनिक समय में अवसाद के कारण लोगों में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। एक शोध के अनुसार भी आत्‍महत्‍या के ज्‍यादातर मामलों में मानसिक बीमारी से ग्रस्‍त लोग ज्‍यादा है। नशीले पदार्थ का अधिक सेवन, अवसाद, मानसिक रोग के कारण लोगों के दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं और इन्हीं के कारण वह सुसाइड करने के बारे में सोचते हैं।

 

क्या कहती है रिसर्च?
एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार, हर साल करीब 30,000 हजार लोग आत्‍महत्‍या करते हैं, जिसमें अधिकतर मामले मानसिक बीमारी के होते हैं। वहीं, सीजोफ्रेनिया से ग्रस्‍त (एक तरह का पागलपन) लगभग 4 प्रतिशत लोग आत्‍महत्‍या कर लेते हैं। किसी बीमारी के कारण आत्‍महत्‍या करना दूसरा सबसे आम कारण है। रिसर्च के अनुसार, आत्‍महत्‍या की कोशिश करने वाले लोगों में मानसिक बीमारी जैसे अवसाद सबसे आम है। इसके अलावा बाइपोलर डिस्‍आर्डर से ग्रस्‍त लोग भी आत्‍महत्‍या कर लेते हैं।

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आत्महत्या के विचार के लक्षण
आत्महत्या के बारे में पढ़ना या लिखना
अनजाने में आत्महत्या करने के लिए बोलना
अकेले या गुमसुम रहना
असहाय महसूस करना
नकारात्मक सोच
बेचैनी महसूस होना
खान-पान की आदतों में बदलाव
अधिक चिड़चिड़ाना
ज्यादा देर तक जगे रहना

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आत्महत्या के विचार की रोकथाम
1. मानसिक बीमारी आत्महत्या का सबसे आम कारण है लेकिन दवाओं और स्‍पीच थेरेपी के साथ इसका इलाज किया जा सकता है। अपनी दवाइयां समय पर लें और डॉक्टर से समय-समय पर जांच करवाते रहें।

 

2. शराब और अवैध ड्रग्स से दूर रहें और बाहर की दुनिया, रिश्तेदारों या दोस्तों से जुड़े रहने की कोशिश करें।

 

3. अपनी नियमित दिनचर्या में एक्सरसाइज को शामिल करें। योग, एक्सरसाइज या व्यायाम के जरिए मानसिक रोगों को काफी हद तक कम किया जा सकता है और इससे आपके दिमाग में सुसाइड का ख्याल भी नहीं आता।

 

4. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, बेरिज, बींस और ताजे फलों को शामिल करें। संतुलित और स्‍वस्‍थ आहार लेकर भी इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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5. रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की लगातार नींद लें और जीवन में अच्छी बातों पर ध्यान दें। अपनी मानसिक बीमारी का इलाज करवाएं। इसके अलावा ऐसी चीजों की तलाश करें जो आपको खुशी देती है।

 

6. परिवार और दोस्तों के साथ अपनी परेशानी और टेंशन को शेयर करें। इससे आपको मानसिक प्रॉब्लम से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।


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