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MahaShivratri: एक या दो नहीं, यहां स्थापित हैं 1 करोड़ शिवलिंग

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 04 Mar, 2019 04:49 PM
MahaShivratri: एक या दो नहीं, यहां स्थापित हैं 1 करोड़ शिवलिंग

आज महाशिवरात्रि है और इस अवसर पर हम आपको शिवजी के एक खास मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां भगवान एक नहीं बल्कि कई  शिवलिंग बने हुए हैं। शिव के इस मंदिर के हर कोने में आपको महादेव के होने का अहसास होगा। तो चलिए आपको बताते हैं इस मंदिर की कुछ खासियत।

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एक या दो नहीं, यहां है 1 करोड़ शिवलिंग

कर्नाटक के कोलार जिले के एक छोटे से गांव काम्मासांदरा में बसे कोटिलिंगेश्वर मंदिर में 2 या 3 नहीं बल्कि 1 करोड़ (9 मिलियन) शिवलिंग स्थित है। इतना ही नहीं, आए दिन यहां शिवलिंग की संख्या बढ़ती ही रहती है। दरअसल, अपनी इच्छा पूरी होने के बाद लोग यहां शिवलिंग स्थापित करके जाते हैं, जिसके कारण यहां 1 करोड़ से भी ज्यादा शिवलिंग हो गए हैं। इतना ही नहीं, इस मंदिर का आकार भी शिवलिंग की तरह ही किया गया है, जो 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।

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ऐसे हुई थी इसकी स्थापना

इस मंदिर की स्थापना एक श्राप के कारण हुई है। मान्यताओं के अनुसार, गौतम नाम के एक ज्ञानी ने इंद्र देव श्राप दिया था, जिससे मुक्ति पाने के लिए इंद्र देव ने इस मंदिर में शिवलिंग स्थापित किया था। साथ ही उन्होंने यहां मौजूद शिवलिंग का अभिषेक 10 लाख नदियों के पानी से किया था, जिससे कारण लोग इस मंदिर में दूर-दूर से आते हैं।

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यहां है दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग

बता दें कि इस मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग भी स्थापित है। इस शिवलिंग की ऊंचाई 108 फीट है और इसी के चारों तरफ करीब 1 करोड़ छोटे-छोटे शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा इस मंदिर चारों तरफ देवी मां, श्री गणेश और श्री कुमारस्वामी की प्रतिमाएं भी बनी हुई हैं।

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नदीं की मूर्ति भी है सबसे ऊंची

सिर्फ शिवलिंग ही नहीं, यहां बने नंदी जी की प्रतिमा भी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक हैं। छोटे-छोटे शिवलिंग के बीच में स्थित नंदी भगवान की यह मूर्ति 35 फीट ऊंची, 60 फीट लंबी, 40 फुट चौड़ी है, जो 4 फीट ऊंचे और 40 फुट चौड़े चबूतरे पर स्थापित है।

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महाशिवरात्रि पर होती है भीड़

सावन और महाशिवरात्रि के समय में यहां भीड़ दोगुनी हो जाती है। महाशिवरात्रि पर तो इस मंदिर की छटा देखते ही बनती है। इम दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या 2 लाख तक पहुंच जाती है। वहीं, दूर-दूर से आने वाले भक्तों के रहने-खाने का भी यहां खास इंतजाम भी किया जाता है।

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कैसे पहुंचे

कोलार जिले के प्रमुख शहर बंगारपेट के बस स्टैंड से कोटिलिंगेश्वर के लिए हर आधे घंटे पर एक स्थानीय बस खुलती है। बंगारपेट से कोटिलिंगेश्वर की दूरी 14 किलोमीटर है। केजीएफ से भी मंदिर के लिए हमेशा बसें चलती रहती हैं और यहां से मंदिर की दूरी 8 किलोमीटर है।

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