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Go Green: मिलिए इस कपल से, जो घर के किसी भी कोने में बना देते हैं 'खूबसूरत बागीचा'

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 26 Jun, 2019 07:07 PM
Go Green: मिलिए इस कपल से, जो घर के किसी भी कोने में बना देते हैं 'खूबसूरत बागीचा'

एक सुंदर बगीचे की बात आती है तो पहाड़ों पर घूमने से ज्यादा अच्छी जगह किसी के भी दिमाग में नही  आती है। आज कल जिन शहरों में हम रह रहे हैं वहां पर रहने के लिए जगह कम पड़ जाती हैं, गार्डन बनाना तो मुश्किल ही होता है, लेकिन इन सभी मुश्किलों को दूर रखते हुए मुंबई शहर का एक कपल पौधों को भी हर घर, ऑफिस या छोटे से अपार्टमेंट की जगह बना रहे हैं, जहां पर गार्डन या पौधे रखने की उम्मीद नहीं होती हैं। वहीं अंगुद व कोमल ने टीवी के लिए लेखन व एडमैकिंग का काम साइड पर करके एक प्लांट स्टूडियो ओपन कर लिया हैं। 

पौधों के पीछे पागल इस कपल के घर में एक हजार के करीब पौधे थे। एक दिन उन्होंने पौधे बचने के बारे में सोचा, यह सिलसिला एक छोटे से प्रोग्राम से शुरु हुआ। अब यह प्रोग्राम आज एक स्टूडियो तक पहुंच चुका हैं। यहां से हर कोई अपने घर या ऑफिस के लिए ग्रीन वॉल बनवाते है। इसके बाद इन्होंने एक प्लांट स्टूडियो, रेस्टोरेंट खोला। 

घर के किसी भी कोने को बना देते हैं गार्डन 

जिस तरह से हर घर में रिश्ते रहते है वैसे ही इसी तरह से यह कपल मिल कर किसी भी कोने को हरा रंग यानि कि गार्डन का रुप दे देते हैं। यह वनस्पति नर्सरी को वनस्पति डिजाइन के तौर पर देखते हैं। जो कि योजनाबंद्ध तरीके से डिजाइन तैयार कर खाली स्थान को सुंदर रुप देते हैं। इनके लिए कोई भी जगह छोटी या बड़ी नहीं होती है, बस एक जगह है जिसे बगीचा बनाना हैं। 

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वर्टिकल गार्डन भी होते है सुंदर 

वर्किटकल गार्डन भी देखने में बहुत अच्छे लगते है। जिस तरह से आईवी की लता ऊपर चढ़ते हुए पूरी दीवार को कवर कर लेती है उसी तरह वर्टिकल गार्डन होता है। यह दीवार या किसी चीज को नुकसान पहुंचाएं बिना खाली पड़ी दीवारों को सुंदर कैनवस का रुप देती हैं। 

जरुरी है योजना और तकनीकी जानकारी 

एक छोटे से स्थान या स्टूडियो अपार्टमेंट को वर्टिकल गार्डन का रुप देने के लिए पूरी योजना के साथ तकनीकी जानकारी होना बहुत जरुरी हैं। हमें वहां पर लाइट, जगह की संरचना, पानी की पाइप उनकी निकासी, फ्रेम का सही माप उनकी फिटिंग का बहुत ही ध्यान रखना पड़ता हैं। यह काम साइड के सर्वे से शुरु होता हुआ डिजाइन, अप्रूवल के बाद फाइनल सेटअप के साथ खत्म होता हैं। वहां डेकोरेशन या सजावट वहां पर उपलब्ध चीजों व रंगो को ध्यान में रख कर की जाती हैं।

विचार के साथ बने डेकोरेशन का भी हिस्सा

अब प्लांट घर, ऑफिस, होटल में प्लांट लगाने के विचार के साथ  डेकोरेशन का भी हिस्सा बन गए हैं। क्लाइंट इंटीरियर डिजाइनर व आर्किटेक्ट्स के पास जाने के साथ यहां भी पहुंचता है ताकि अपनी स्पेस में एक जगह हरी बना सकें। इसके साथ ही यह ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाते हुए एकाग्रता के स्तर में सुधार व मानसिक थकान को कम करता हैं। अपनी जेब को देखते हुए अब हर व्यक्ति उपहार में हरा रंग यानि कि पौधा देना पसंद करता हैं। हम उन्हें उनकी पॉकेट व जरुरत के हिसाब से अलग अलग तरह के प्लांट्स, ज़डी बूटी के बगीचे, पॉट ब्रांड, थीम के अनुसार विंडो गार्डन, फंक्शन के अनुसार गिफ्ट तैयार करके देते हैं। कई बार लोग इसे नाम के अनुसार भी बनाते हैं।  

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 पीपल के लिए बनाया संगठन 

 इस कपल ने पीपल के पौधों को बचाने के लिए #GreenKaroScene शुरु किया है। जिसकी मदद से वह प्लांट पीपल के लिए ऐसा संगठन बनाना चाहते है जिससे वह पर्यावरण की वास्तविकता से रक्षा कर सकें। कोमल के पिता जो कि सेना में है उन्होंने अपने समय में बीकानेर से 100 किलोमीटर दूर राजस्थान के 18 लाख पौधे लगाए थे, जिनकी इस साल में वृद्धि देखी जा सकती हैं। 

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