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एनिमल टेस्टिंग रोकने के लिए Lakmé यूज करेगा PETA का Logo

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 05 Oct, 2021 09:37 AM
एनिमल टेस्टिंग रोकने के लिए Lakmé यूज करेगा PETA का Logo

मुंबई –देश के सर्वश्रेष्ठ सौन्दर्व प्रसाधन ब्रांड Lakmé ने “विश्व पशु दिवस” (4 अक्टूबर) से पहले PETA US के वैश्विक Beauty Without Bunnies प्रोग्राम से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिसके अंतगर्त पशुओं पर परीक्षण न करने वाले सौंदर्य प्रसाधन, व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू उत्पाद संबंधी ब्रांड्स और कंपनियों को प्रमाणित किया जाता है। Hindustan Unilever के ब्रांड Lakmé की पैकेजिंग पर अब PETA का खरगोश वाला लोगो होगा जो यह प्रदर्शित करेगा यह उत्पाद क्रूरता मुक्त है।

Lakmé की हेड ऑफ इनोवेशन सुमति माटी ने कहा, "पशुओं पर अपने किसी भी उत्पाद का का परिक्षण न करना, Lakmé का एक प्रमुख सिद्धांत है और यह Unilever के सकारात्मक सौंदर्य विजन से मेल खाता है। PETA के Beauty Without Bunnies कार्यक्रम ने अपने उच्च गुणवत्ता मानकों और दृढ़ता के चलते दुनियाभर में ख्याति प्राप्त की है और हमें एक PETA-स्वकृत ब्रांड बनने की अत्यंत खुशी है। गैर पशु-परिक्षण विधियों का प्रयोग करके बनाए गए Lakmé के विश्व स्तरीय बेहतरीन सौंदर्य प्रसाधनों , त्वचा की देखभाल करने वाले उत्पादों और ब्यूटी सैलून की श्रृंखला का प्रयोग करके अब महिलाएं अपने रूप को और भी बढ़ा सकती है।"

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PETA की साइंस पॉलिसी एडवाइजर डॉ. अंकिता पांडे ने कहा, “Lakmé की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण अब अनगिनत पशुओं को सौंदर्य प्रसाधनों के लिए किए जान वाले क्रूर पशु परीक्षणों से बचाया जा सकेगा। PETA इंडिया Lakmé के साथ-साथ Global Beauty Without Bunnies सूचि में शामिल उन सभी दयालु कंपनियों के प्रति आभार प्रकट करता है जो उपभोक्ताओं को अपने सिद्धांत के अनुसार, खरीरदारी करने के लिए सशक्त बनाती हैं।“

PETA इंडिया इस सिद्धांत में विश्वास रखता है कि “जानवर हमारे परीक्षण करने के लिए नहीं हैं” एवं दुनियाभर में 54,00 से अधिक कंपनियों ने प्रभावी और आधुनिक , गैर पशु विधियों के समर्थन में सभी प्रकार के पशु परीक्षणों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके चलते अनगिनत पशुओं को दर्दनाक और घातक परीक्षणों से बच सके हैं। सौन्दर्य प्रसाधनों को इंसानों के इस्तेमाल से पहले उनका पशुओं पर परीक्षण किया जाता है और उन परीक्षणों में पशु की आंखों और छिली हुई त्वचा पर उत्पाद रगड़ना , उनके मुंह पर स्प्रे करना या फिर जबरन उनके मुंह में उत्पाद घुसाना शामिल है। पशुओं और इंसानों के बीच व्यापक शारीरिक अंतर के चलते अक्सर पशु-परीक्षणों के परिणाम भ्रामक होते हैं।

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भारत में PETA इंडिया के प्रयासों के चलते, वर्ष 2014 में सौुंदर्य प्रसाधनों या इनमें प्रयोग होने वाली सामग्री के पशु-परीक्षणों सौंदर्य प्रसाधनों के आयात पर रोक लगा दी गई थी। वर्ष 2020 में , सरकार ने "प्रसाधन सामग्री नियम, 2020' जारी करके  पशु परीक्षणित सौंदर्य प्रसाधनों के आयात पर प्रतिबंध को मजबूत करने हेतु कुछ नए प्रावधान शामिल किए थे। PETA इंडिया सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध करता है कि वे केवल PETA US के Global Beauty Without Bunnies प्रोग्राम की पशु परीक्षण न करने वाली सूची में शामिल कंपनियों से ही खरीरदारी करें।

अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाइट PETAIndia.com पर जाएं और Twitter, Facebook पर Instagram पर हमें फॉलो करें। 

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