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Health Tip: जानें, मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के 8 बेहतरीन फायदे

  • Edited By Isha,
  • Updated: 12 Feb, 2019 06:28 PM
Health Tip: जानें, मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के 8 बेहतरीन फायदे

पुराने समय में लोग मिट्टी के बर्तन में ही खाना पकाते थे, लेकिन समय के साथ सबकुछ बदल गया है। इस बदलाव का असर किचन में भी पड़ा है। हमारे रहन-सहन और खाने-पीने के तौर तरीके पहले से काफी बदल गए है। इन बदलावों की वजह से कई तरह की परेशानियां पैदा हो रही है और उनसे निपटना भी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे ंमें जरूरत है पहले की कुछ चीजों को अपनाने की जो हेल्दी लाइफ के लिए बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चीज़ है मिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने के क्या-क्या फायदे हैं-

 

भोजन का PH कंट्रोल में रहता है

मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से यह खाने में मौजूद एसिड के साथ क्रिया करता है और PH को कंट्रोल करता है। यह शरीर में एसिटिक कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है जिससे कैंसर होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

 

भोजन हेल्दी बनता है

मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से मिट्टी के बर्तन से खाने से निकली गर्म गैस बाहर नहीं निकल पाती जिस वजह से खाने के पौष्टिक तत्व खाने में ही रह जाते है। इससे भोजन ज्यादा हेल्दी हो जाता है। 

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भोजन बहुत टेस्टी बनता है

दूसरे बर्तनों के मुकाबले में मिट्टी के बर्तन में बना भोजन टेस्ट में बहुत स्वादिष्ट होता है। मिट्टी के बर्तन में भोजन को बनने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है लेकिन ऐसा खाना कई तरह की बीमारियों से बचाता है।

 

खाना जल्दी खराब नहीं होता

जो खाना मिट्टी के बर्तन में बनाया जाता है, वह जल्दी खराब नहीं होता। इसकी खास वजह ये है कि खानें को बनने में समय लगता है जिस वजह से खाना ज्यादा देर तक ताजा ही रहता है। 

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मिनरल्स और विटामिन्स से भरपूर

मिट्टी के बरतनों में खाना पकाने से आपका भोजन अधिक पौष्टिक होता है क्योंकि यह आपके भोजन में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, सल्फर जैसे मिनरल्स और विटामिन्स को शामिल करता है।

 

इको-फ्रैंडली होते हैं

आजकल इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का टूट जाने या खराब हो जाने का खतरा बहुत ज्यादा होता है लेकिन मिट्टी का बर्तन इन परेशानियों से परे होता है। मिट्टी का बर्तन अगर टूट भी जाएं तो नेचर में जल्दी से खत्म हो जाता है। इस वजह से इसे इको -फ्रैंडली भी कहा जाता है। 

 

तेल कम होता है इस्तेमाल

आजकल ऩॉन-स्टिक बर्तनों की मांग बहुत बढ़ गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी के बर्तन ये काम भी कर देते हैं। मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के लिए अतिरिक्त तेल या पानी की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे बर्तन खाने को नेचुरल तरीके से पका लेते हैं। 

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खाने को दोबारा गर्म करने की जरुरत नहीं पड़ती

जब आप खाने को गर्म करते हैं तो खाने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं और वह भोजन आपके लिए फायदेमंद नहीं होता। मिट्टी के बरतन में खाना पकाने से यह ज्यादा देर तक गर्म रहता है क्योंकि इसका तापमान लंबे समय तक बरकरार रहता है और खाने को दोबारा गर्म करने की जरुरत नहीं पड़ती।
 

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