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आपको बीमारियों के घेरे में ले सकती है आधी-अधूरी नींद, जानिए कितने घंटे सोना जरूरी?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 12 Dec, 2019 07:10 PM
आपको बीमारियों के घेरे में ले सकती है आधी-अधूरी नींद, जानिए कितने घंटे सोना जरूरी?

स्वस्थ रहने के लिए जितना जरूरी एक्सरसाइज व सही लेना है, उतना ही जरूरी भरपूर नींद भी है। काम, बिजी शेड्यूल और तनाव के चक्कर में अक्सर नींद पूरी नहीं हो पाती, खासकर महिलाओं की, जो सेहत के लिहाज से बिल्कुल गलत है। हालांकि आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि आपको कितनी नींद की जरूरत है क्योंकि एक शिशु को 17 घंटे की नींद चाहिए होगी जबकि बड़े व्यक्ति के लिए रात में सिर्फ 7 घंटे की नींद काफी होती है। आज हम आपको बताएंगे कि उम्र के हिसाब से आपको एक दिन में कितने घंटे नींद की जरूरत होती है।

 

जानें, उम्र के हिसाब से कितनी नींद लेना जरूरी 

. 3 महीने तक के बच्चे के लिए कम से कम 14 से 17 घंटे की नींद जरूरी है
. 4 से 11 महीने के बच्चे को 12 से 15 घंटे की नींद चाहिए होती है।
. 1 से 2 साल के बच्चे के लिए 11 से 14 घंटे सोना जरूरी है।
. अगर बच्चा 3 से 5 साल का है तो उसके लिए 10 से 13 घंटे की नींद जरूरी है
. 6 से 13 साल की टीनएजर को 9 से 11 घंटे सोना चाहिए।
. 14 से 17 साल के टीनएजर को 8 से 10 घंटे की नींद चाहिए।
. 18 से 64 वर्ष के व्यक्ति के लिए 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी है।
. 65 वर्ष और अधिक आयु वाले लोगों को कम से कम 7 से 8 घंटे सोना चाहिए।

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चलिए अब हम आपको बताते हैं कि भरपूर नींद ना लेने से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं...

डायबिटीज

शोध के अनुसार, भरपूर नींद ना लेने से शरीर में शुगर लोअरिंग हॉर्मोन, इंसुलिन को प्रभावित करता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

बढ़ता है वजन

पूरी ना लेने से मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है। साथ ही इससे ब्रेन का सिगनल भी प्रभावित होता है, जो बताता है कि आपका भरा है या नहीं। इसके कारण आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, जो वजन को बढ़ाता है।

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कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम

इसका असर आपके इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है, जिसके कारण आप बार-बार सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप भरपूर नींद लें।

मेमोरी करता है कमजोर

फोन की तरह दिमाग को भी चार्ज करने की जरूरत होती है। अच्छी नींद नए तंत्रिका मार्गों को बनाकर दिमाग को अगले दिन के लिए तैयार करती है। इससे दिमाग एनर्जेटिक रहता है लेकिन नींद पूरी नहीं होने पर दिमाग तरोताजा नहीं हो पाता। इसके कारण मानसिक समस्याएं, कमजोर याददाश्त, सुस्ती और थकावट जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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हार्मोनल इम्बैलेंस

पूरी नींद ना लेने से हार्मोनल का बैलेंस भी बिगड़ सकता है। दरअसल, सोत समय शरीर में महत्वपूर्ण हार्मोन स्रावित होते हैं, जो भूख, मेटॉबालिज्म और ऊर्जा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

कैंसर का खतरा

शोध के मुताबिक, कम नींद लेने से ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। दरअसल, इससे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान होने लगता है, जिससे कैंसर सेल्स की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ने लगती है।

हार्ट अटैक

नींद पूरी न होने की वजह से शरीर के विषाक्त पदार्थ साफ नहीं हो पाते और जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर की आशंका बढ़ जाती है। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

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