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बीवियों से दुखी पतियों ने दिया धरना, सरकार से की बचाने की मांग

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 04 Oct, 2019 10:38 AM
बीवियों से दुखी पतियों ने दिया धरना, सरकार से की बचाने की मांग

देशभर में महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए कई तरह के कानून बनाए गए है लेकिन पतियों के लिए किसी भी तरह के पुरुष आयोग नही बनाए गए है। जब एक महिला व पत्नी को उसका पति तंग या टॉर्चर करता है तो वह पुलिस, महिला आयोग, कोर्ट में अपनी शिकायत करती है। वहीं जब पति को पत्नी तंग या टॉर्चर करती है तो उनके लिए कोई भी पुरुष आयोग नही हैं। बुधवार देश के हजारों पीड़ित पतियों द्वारा दिल्ली के जंतर- मंतर में धरना दिया गया ताकि एक पुरुष आयोग बनाया जाए।  

 

महिलाओं से अधिक विवाहिता पुरुष करते है आत्महत्या

नैशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार अविवाहित पुरुष और महिलाओं में आत्महत्या की दर लगभग बराबर है। वहीं विवाहित पुरुषों की आत्महत्या की दर महिलाओं से लगभग दोगुनी है। हर साल लगभग 91000 पुरुष आत्महत्या करते हैं।

 

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दर्ज किया है झूठा केस 

आईटी कंपनी के सेल्स मैनेजर मनप्रीत सिंह की शादी 2009 में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही झगड़ा होेने लगा जिस कारण पत्नी कुछ समय बाद 15 महीने के बच्चों को लेकर बिना बताए मायके चली गई। उसने अपनी मां के कहने पर दहेज, झगड़ा, मारपीट के झूठे केस दर्ज करवा दिया। इसके बाद केस लड़ते हुए उन्होंने कोर्ट के चक्कर लगाए जिस कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

देशभर से इक्ट्ठे हुए पुरुष

धरने में भाग लेने के लिए पंजाब, तेलंगाना, इंदौर, ग्वालियर, जमशेदपुर आदि जगह से पुरुष इक्ट्ठे हुए। इक्ट्ठे हुए लोगों ने कहा कि जिस तरह देश में महिलाओं, पेड़, पक्षियों, पहाड़ के लिए कानून बनाए गए है उसी तरह पुरुषों के लिए भी होने चाहिए। ताकि दहेज उत्पीड़न कानून के गलत प्रयोग से पुरुष बच सकें। 

 

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