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नेताओं की अलोचना करने वाली पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा चुनी गई 'पर्सन ऑफ द ईयर'

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 12 Dec, 2019 11:06 AM
नेताओं की अलोचना करने वाली पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा चुनी गई 'पर्सन ऑफ द ईयर'

जलवायु में आ रहे बदलाव के कारण लोगों को काफी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं लेकिन फिर भी दुनियाभर में रह रहे लोगों का ध्यान इस तरफ नही जाता हैं। जलवायु में हो रहे परिवर्तन को रोकने व लोगों को इस बारे में जागरुक करने के लिए दुनिया भर में लोग सड़कों पर आ गए हैं। लोगों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस आंदोलन का नेतृत्व कोई राजनेता या शख्स नही बल्कि 16 साल की लड़की ग्रेटा थनबर्ग कर रही हैं। अपने इस अंदोलन के कारण दुनियाभर में अपनी पहचान पाने वाली थनबर्ग को अमेरिका की टाइम मैगजीन द्वारा 2019 की पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया है। ग्रेटा दुनिया की पहली महिला है जिसने बहुत ही कम उम्र में यह सम्मान हासिल किया है। 

 

इससे पहले 25 साल के चार्ल्स लिंडबर्ग को 1927 में पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था। जिस समय थनबर्ग को इस टाइटल के लिए चुना गया उस समय वह मेड्रिड में यूएन क्लाइमेट फोरम की बैठक में थीं।

 

सबसे बड़े मुद्दे की आवाज है बनी है ग्रेटा थनबर्ग 

ग्रेटा को 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुने जाने पर मैगजीन ने कहा,  ‘‘साल भर के अंदर ही स्वीडन की 16 साल की लड़की ने अपने देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया और फिर दुनियाभर में युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया।’’ ग्रेटा को बहुत ही कम समय में संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाकात का मौका मिला, उनकी आवाज को सुनने वालों में बड़े देशों के राष्ट्रपति के साथ पोप भी शामिल रहे। वह धरती के सबसे बड़े मुद्दे की आवाज बन कर उभरी हैं। 

 

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स्वीडिश एनवायरमेंट एक्टिविस्ट है ग्रेटा 

ग्रेटा थनबर्ग का जन्म 3 जनवरी 2003 को स्वीडन में हुआ था। स्वीडिश पर्यावरण एक्टिविस्ट होने के कारण वह दुनिया भर के लोगों में जलवायु परिवर्तन की जागरुकता बढ़ा रही हैं। इतना ही नहीं उन्होंने राजनेताओं को इस पर करवाई न करने का भी जिम्मेदार ठहराया हैं और इस के लिए इंटरनेश्नल स्तर पर दुनिया भर के नेताओं की अलोचना भी की है। 15 साल की उम्र में उसने स्कूल से छुट्टी लेकर स्वीडिश संसद के बाहर प्रदर्शन किया था। उसने हाथ में एक बोर्ड  था जिस पर लिखा हुआ था 'stronger climate action'। जैसे जैसे बच्चों को इस बारे में पता लगा वह भी इस आंदोलन में उसके साथ जुड़ गए।

 

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शुरु किया ' Fridays for Future' आंदोलन 

ग्रेटा थनबर्ग ने ' Fridays for Future' के नाम से स्कूल जलवायु हड़ताल आंदोलन शुरु किया हैं। इतना ही नही 2018 में ' यूनाइटिड नेशन क्लाइमेट कांफ्रेंस' को भी संबोधित करते हुए कहा था कि दुनियाभर में स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। 2019 में हुए प्रदर्शन में 1 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। सार्वजनिक भाषण देने की शुरुआत 2018 में स्कूल से की थी।

 

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