14 OCTMONDAY2019 11:33:53 AM
Nari

Parents Alert! स्विमिंग से इंफैक्शन की चपेट में आई 10 साल की बच्ची, अमीबा खा गया दिमाग

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 14 Sep, 2019 05:35 PM
Parents Alert! स्विमिंग से इंफैक्शन की चपेट में आई 10 साल की बच्ची, अमीबा खा गया दिमाग

लोग शौक और खुद को रिलैक्स करने के लिए स्विमिंग करना पसंद करते हैं लेकिन आजकल हो रहे हादसों के कारण तैराकी को लेकर हर किसी के मन में डर बैठ गया है। हाल ही में 50 साल के डेविड नाम का व्यक्ति एक ऐसे जीवाणु की चपेट में आ गया, जिसके कारण उसकी किडनी फेल हो गई। वहीं एक नया मामला सामने आया है, जिसमें 10 साल की छोटी-सी बच्ची को स्विमिंग करना भारी पड़ गया।

 

स्विमिंग करना पड़ा 10 साल की बच्ची को भारी

दरअसल, अमेरिका के टेक्सस के फोर्ट वर्थ में एक 10 साल की बच्ची के दिमाग में ऐसा अमीबा प्रवेश कर गया है, जो धीरे-धीरे उसके दिमाग को खा रहा है। लिली अपने पैरंट्स के साथ उनके घर के पीछे बह रही नदी में स्विमिंग कर रही थी। लिली अक्सर इस नदी में स्विमिंग किया करती थी लेकिन इस बार स्विमिंग के बाद उसके सिर में तेज दर्द शुरू हुआ और फिर काफी तेज बुखार के कारण वह बेहोशी की हालत में चली गई। फिलहाल बच्ची कोमा में है और डॉक्टर्स उसकी बेहतरी के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।

PunjabKesari

क्या है अमीबा?

अमीबा एक बेहद सूक्ष्म जीव होता है। इसके अधिकांश वंश नदियों, तालाबों, मीठे पानी की झीलों आदि में पाए जाते हैं। अमीबा के कुछ वंश परजीवी होते हैं और इससे खतरनाक रोग भी होते हैं। अब तक इस तरह के अमीबा के शिकार हुए 145 लोगों में से केवल 4 लोग ही जीवित बच पाए हैं।

अमीबा ने खाया बच्ची का दिमाग

लिलि स्विमिंग करने के लिए गई थी, जब वो इस जीव की चपेट में आ गई। इसके बाद उसमें तेज सिरदर्द, बुखार, बेहोशी में बड़बड़ाने के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उसके पिता ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। डॉक्टर्स का कहना है कि लिली नेगलेरिया फाउलरली नाम के एक सिंगल सेल लिविंग ऑर्गेनिजम यानी एकल-कोशिका वाले जीवित जीव के संपर्क में आ गई है, जो धीरे-धीरे उसकी दिमाग खा गए। जो आमतौर पर साफ और ताजे पानी में पाए जाते हैं। ये अमीबा मनुष्यों को संक्रमित करते हैं।

PunjabKesari

स्विमिंग करने वालों को अधिक खतरा

लोग इस तरह के अमीबा के शिकार स्विमिंग के दौरान होते हैं। यह नेगलेरिया फाउलरली नाक में प्रवेश कर दिमाग तक पहुंच जाता है और टिश्यूज को खाना शुरू कर देता है। इस तरह के अमीबा के संपर्क में आनेवाले 97% लोगों का बचना बेहद मुश्किल होता है।

कैसे पहचाने बीमारी?

नेग्लेरिया फौलेरी के लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, मतली, बेहोशी और उल्टी शामिल है। इसके कारण कठोर गर्दन, दौरे, बदलती मानसिक स्थिति और व्यक्ति कोमा में भी पहुंच सकता है। संक्रमण के संकेत आम तौर पर दूषित पानी के संपर्क में आने के कुछ दिनों बाद शुरू होते हैं। लक्षण शुरू होने के 1 से 18 दिनों के भीतर लोगों की मौत हो जाती है. हालांकि सही समय पर इस बीमारी का पता चलने पर जान बचाई जा सकती है।

PunjabKesari

ऐसे करें बचाव

डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आप एकदम फ्रेश और साफ दिखने वाले पानी में भी तैराकी कर रहे हैं तो नोज क्लिप या मास्क पहनकर ही करें। कोशिश करें कि आप ज्यादा देर तक अपने सिर को पानी के अंदर ना डुबोकर रखें क्योंकि यह अमीबिया नाक के जरिए दिमाग में प्रवेश करता है और फिर दिमाग की नसों को डैमेज करने लगता है।

इन स्थिति में न करें स्विमिंग

यह बैक्टीरिया आम तो पर त्वचा पर लगे किसी कट, घाव, जलने, रैशिज या किसी कीड़े के काटने से शरीर में प्रवेश करते है। जब यह एक बार शरीर में घुस जाते है तो बहुत तेजी से फैलते है, इसलिए जब शरीर पर किसी तरह का घाव हो तो कभी भी पानी में न जाएं।

PunjabKesari

लाइफस्टाइल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए डाउनलोड करें NARI APP

Related News