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गीता गोपीनाथ हैं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली महिला अर्थशास्त्री

  • Edited By Priya verma,
  • Updated: 08 Oct, 2018 02:02 PM
गीता गोपीनाथ हैं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली महिला अर्थशास्त्री

भारतीय विदेश में रहते हुए भी अपनी प्रतिभा के दम पर नई पहचान बना कर देश का नाम रोशन करते हैं। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अंतर्राष्ट्रिय कंपनी में शीर्ष पदों पर पहुंचने वाले भारतीय इसकी अच्छी-खासी उदारहण है। आज हम जिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाली महिला के बारे में बात कर रहे हैं उनका नाम है गीता गोपीनाथ। वे ऐसी दूसरी महिला हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है।


पहली महिला अर्थशास्त्री
गीता गोपीनाथ इस स्थान पर पहुंचने वाली पहली पहली महिला अर्थशास्त्री हैं।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो अपने सदस्य देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नजर रखने का काम करती है। इसका काम अपने सदस्य देशों को जरूरत पड़ने पर आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करना है। इसका मुख्य कार्यालय वॉशिंगटन में हैं। 


मॉरिस ऑब्सटफेल्ड  का स्थान लेंगी गीता 
उनकी काबलियत के बल पर उन्हें यह स्थान दिया जा रहा है। गीता IMF में मॉरिस ऑब्सटफेल्ड का स्थान लेंगी जो 2018 के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 


हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर
गीता हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं। इसके अलावा वे आर्थिक अनुसंधान और नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में अंतर्राष्ट्रीय वित्त और सूक्ष्म अर्थशास्त्र कार्यक्रम की सह-निदेशक भी हैं।


केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार
केरल में जन्म लेने वाली गीता के पिता एक किसान हैं। उनके पिता का नाम टीवी गोपीनाथ और माता का नाम वीसी विजयलक्ष्मी है। गीता के पति का नाम  इकबाल धालीवाल है जो MIT के अब्लुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं। गीता भी केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार हैं। 
 

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