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इन महिलाओं का रहता है गर्भपात का अधिक खतरा, बचाव रखेगी कुछ बातें

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 14 Apr, 2019 12:35 PM
इन महिलाओं का रहता है गर्भपात का अधिक खतरा, बचाव रखेगी कुछ बातें

मोटापा, आजकल हर किसी के लिए समस्या बन गया है। बढ़ा हुआ वजन ना सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी को बिगाड़ता है बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का घर भी है। इतना ही नहीं, मोटापे का बुरा असर प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है। ऐसी कई महिलाएं है जो शादी के बाद प्रजनन क्षमता में कमी के कारण प्रेग्नेंसी कंसीव नहीं कर पा रही हैं, जिसमें ज्यादातर महिलाएं मोटापे का शिकार हैं। हालांकि इसका खतरा महिला और पुरूष, दोनों में सामान है।

 

इनफर्टिलिटी का कारण है मोटापा 

लगातार बढ़ता मोटापा महिलाओं के मां बनने में सबसे बड़ी अड़चन पैदा कर सकता है। जी हां, सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में मोटापा से पीड़ित महिलाओं की प्रजनन क्षमता लगभग 30% कम रहती हैं। हालांकि पुरूषों में भी इसका खतरा सामान ही होता है। दरअसल, मोटापे के कारण हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं। इसके कारण महिलाओं में पीरियड्स की समस्याएं हो सकती हैं, जिससे ओव्युलेशन में परेशानी आती है और गर्भ ठहर नहीं पाता।

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इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार पुरुष

मोटापे के कारण पुरूषों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल के साथ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सामना भी करना पड़ता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और लिंग में रक्त प्रवाह सही ना होने के कारण संबंध बनाने में परेशानी आती है, जिससे की पुरूषों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।

गर्भपात का भी रहता है खतरा

बड़ा हुआ वजन महिला के गर्भपात की भी वजह बनता है। ऐसा कई मामलों में देखा गया है कि अगर मोटी महिलाओं में गर्भ ठहर भी जाए तो  कुछ सप्ताह बाद उनका गर्भपात हो जाता है। इतना ही नहीं, मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को डिलीवरी के वक्त भी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि मोटापे के ग्रस्त महिलाओं को ज्यादातर सी-सेक्शन का ही सहारा लेना पड़ता है।

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इंसुलिन पर भी पड़ता है असर

इसकी वजह से शरीर में इंसुलिन बनने की प्रकिया भी धीमी हो जाती है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में इंसुलिन की कमी से भी महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती हैं क्योंकि इससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और गर्भधारण नहीं हो पाता है।

PCOD का बनता है कारण

पीसीओडी यानि पॉलीसिस्टिक अंडाशय रोग (PCOD) महिला के हार्मोंन इम्बेलेंस होने की वजह से होती है, जो 15 से 44 साल की उम्र की महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है। यह ओव्यूलेशन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर गर्भावस्था में समस्या पैदा करता है।  ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें ओवरी एग बनाती है और जब एग बनने में गड़बड़ी होने लगती है फिर इनफर्टिलिटी की समस्या होने लगती हैं।

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वजन घटाने के टिप्स
स्वस्थ डाइट

वजन घटाने के लिए डाइटिंग की बजाए अपनी रूटीन में हेल्दी फूड्स को शामिल करें। साथ ही डाइट में फाइबर युक्त लें। इससे पेट दिनभर भरा रहेगा और औप ओवरइटिंग से बच जाएंगे, जिससे वजन घटाने में मदद मिलेगी।

हल्के व्यायाम

अगर आपके पास जिम जाने का समय नहीं है तो घर पर ही हल्का व्यायाम करें। आप सुबह या फिर शाम को व्यायाम कर सकते है। इससे ना सिर्फ वजन कम होगा बल्कि आप स्वस्थ भी रहेंगे। इसके अलावा वजन घटाने के लिए आप योग भी कर सकते हैं।

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हफ्ते में 1 बार रखें व्रत

अगर आप भी अपने खान-पान पर कंट्रोल नहीं कर पाते तो आपको व्रत जरूर रखना चाहिए। हफ्ते में 1 बार व्रत रखने से वजन कम करने में काफी मदद मिलती है। हालांकि आप इस दौरान नींबू पानी, वेजिटेबल या फ्रूट सलाद, दूध, जूस, सूप आदि चीजें ले सकते हैं।

जंकफूड को कहें 'ना'

पेट की चर्बी घटाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप फास्ट व जंक फूड्स से दूर बनाएं। कोशिश करें कि आप ज्यादा तली-भूनी चीजों का सेवन ना करें। कभी-कभार स्टीम सब्जियों का सेवन वजन घटाने में फायदेमंद होता है।

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