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Women Care: वैजाइनल इंफेक्शन का कारण बन सकती है आपकी जींस, रहें सतर्क

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 14 Feb, 2019 06:43 PM
Women Care: वैजाइनल इंफेक्शन का कारण बन सकती है आपकी जींस, रहें सतर्क

आजकल लड़कियां टाइट जींस, लोअर, लेगिंग, शॉर्ट्स, कैपरी पहनना पसंद करती हैं। बेशक ऐसे कपड़ों में आप हॉट एंड सेक्सी नजर आती हो लेकिन इस तरह के कपड़े आपके शरीर के प्राइवेट पार्ट यानि वैजाइना पर बुरा असर छोड़ती है। टाइट कपड़ों से महिलाओं की योनि को नुक्सान हो सकता है। ऐसे में महिलाओं को वैजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। ऐसे में उन्हें डिस्चार्ज, खुजली, जलन, सेक्स और पेशाब के दौरान दर्द व जलन जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस बीमारी और इसके इसके बचाव के बारे में-

 

शौक पड़ रहा सेहत पर हावी

आजकल टाइट कपड़े पहनने का शौक हर दूसरी लड़की को होता है। अब छोटे शहरों में भी यह फैशन बढ़ता जा रहा है। इस शौक की वजह से योनि और पेल्विक हिस्से में पसीने और चुभन से यीस्ट इंफेक्शन होेने का खतरा बढ़ रहा है। टाइट कपड़े जैसे स्किनी फिट जींस आदि पहनने से स्किन को हवा नहीं मिल पाती और वहां नमी बनने की वजह से इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।

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डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर के मुताबिक लड़कियों को यीस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए टाइट कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके अलावा कॉटन के कपड़े पहनें। हमेशा कॉटन का अंडरवियर ही लें। गीले कपड़े पहनने से बचें और एक्सरसाइज के बाद हमेशा कपड़ों को धोकर सुखाएं।  

 

होती है कई तरह की परेशानियां

वैजाइनल यीस्‍ट इंफेक्शन की वजह से महिलाओं में बहुत अधिक खुजली, जलन, दर्द और डिस्‍चार्ज जैसी प्रॉब्लम्स होती है।  योनि और उसके आसपास के हिस्से में नमी की वजह से फंगस को बढ़ने का मौका मिलता है। यह इंफेक्शन कैंडिडा एल्बीकैंस नामक फंगस के कारण होता है।

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इंफेक्शन से बचने के तरीके

 

कॉटन इनर वियर पहनें 

कॉटन इनर वियर पहनने में आरामदायक होते हैं, तेजी से सूखते हैं। कॉटन का कपड़ा बैक्टीरिया और यीस्ट के विकास को रोकता हैं। सिंथेटिक इनर वियर पहनने से योनि में जलन पैदा हो सकती है।

 

साबुन के इस्तेमाल से बचें

योनि अपने आप में एक बहुत ही सेंसिटिव हिस्सा है और साबुन का इस्तेमाल करने से इसका पीएच लेवल कम हो जाता है। पीएच लेवल नार्मल रहना चाहिए जो 3.5-4.5 के बीच है। इस बैलेंस के बिगड़ने पर बैक्टीरिया पैदा हो सकता है। इसलिए योनि को साफ करने के लिए सादे गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

 

सेक्स के बाद योनि को धोएं 

सेक्स के बाद योनि को धोने से इंफेक्शन की संभावना को कम करने में मदद मिलती है। इससे वो जीवाणु साफ़ हो जाते हैं, जो सेक्स के दौरान अंदर चले जाते है। सेक्स के बाद दोनों पार्टनर को अपने अंगों की सफाई करनी चाहिए। 

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पेशाब के बाद भी योनि को धोएं

बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के जरिये भी फैल सकते हैं। इसलिए पेशाब के बाद तुरंत पानी से योनि को धोना इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है। पेशाब से बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। 

 

टाइट कपड़े पहनने से बचें 

बहुत ज्यादा टाइट कपडे पहनने से निचले हिस्से में हवा नहीं पहुंच पाती है। इससे नमी का खतरा होता है और नमी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसलिए आपको लंबे समय तक टाइट कपड़े पहनने से बचना चाहिए। 

 

सेनेटरी पैड को हर 4 से 6 घंटे में बदलें

पीरियड्स के वक्त पैड को हर 4 से 6 घंटो में बदलें। ज्यादा देर तक पेड के इस्तेमाल से योनि में इंफेक्शन पैदा हो जाता है। योनि में खुजली और रेशेज की प्रॉब्लम पैदा हो सकती है।  
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