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बोटॉक्स और फिलर्स में क्या है फर्क, त्वचा के लिए कौन-सा ट्रीटमेंट है सही?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 12 Oct, 2019 11:08 AM
बोटॉक्स और फिलर्स में क्या है फर्क, त्वचा के लिए कौन-सा ट्रीटमेंट है सही?

खूबसूरत त्वचा पाने की इच्छा हर कोई रखता है, खासकर औरतें। महिलाओं तो खूबसूरती को निखारने के लिए कॉस्मैटिक व घरेलू दोनों तरह के ट्रीटमेंट का सहारा लेती है। सिर्फ यही नहीं, अब तो वह खूबसूरती निखाने के लिए बोटॉक्स, फिलर्स और लेजर जैसी कई नई तकनीक भी अजमा रही हैं। सुदंरता पाने के लिए इनका इस्तेमाल तो किया जा रहा है लेकिन ये ट्रीटमैंट्स डमेंटोलॉजिस्ट की सही देख-रेख में लिया जाए तो ही अच्छा है।

 

त्वचा को डैमेज कर सकते हैं घटिया प्रॉडक्ट्स

अगर इंजैक्शन सही मात्रा में अच्छे त्वचा एक्सपर्ट से लिया जाए तो इसका साइड इफैक्ट नहीं है। बाजार में बहुत तरह के बोटॉक्स इंजैक्शन ब्रांड मिलते हैं लेकिन अनुभवी डॉक्टर से परामर्श से ही ब्रांड चुनें। सस्ते प्रॉडक्ट्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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बोटॉक्स और फिलर्स ट्रीटमेंट में फर्क

बहुत-सी महिलाएं झुर्रियां दूर करके त्वचा को आकर्षक बनाने के लिए बोटॉक्स व फिलर्स जैसी तकनीक का सहारा लेती हैं लेकिन दोनों में काफी अंतर है। बोटॉक्स में माथे, स्माइल लाइन्स और अन्य झुर्रियों के लिए एंटी-रिंकल्स इंजैक्शन दिए जाते हैं। जबकि फिलर्स इंजैक्शन स्किन बॉल्यूम बढ़ाने के लिए होते हैं। इससे गालों व होंठों को हैवी लुक मिलती है।

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कब करवाएं बोटॉक्स व फिलर्स

चेहरे पर झुर्रियां पड़ने की शुरूआत होते ही बोटॉक्स करवाना बेहतर है क्योंकि बाद में रिंकल्स लाइन्स (झुर्रियों की रेखाएं) पकी होने लगती है। उसी तरह जब त्वचा लटकनी शूरू हो जाती है तो फिलर्स ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।

बोटॉक्स व फिलर्स से जुड़े भ्रम

बहुत से लोगों को लगता है कि एक बार ट्रीटमेंट ले लिया तो दोबारा इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी जबकि ऐसा नहीं है। बोटॉक्स व फिलर्स ट्रीटमेंट केवल 40-6 महीने की अवधि तक ही रहता है।

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होते हैं नुकसान भी...

कई बार यह ट्रीटमेंट लेने के बाद कुछ साइड-इफैक्ट्स भी दिखाई देते हैं। हालांकि यह साइड-इफैक्ट्स कुछ समय बाद ठीक भी हो जाते हैं।

.अकड़न व सूजन
. नील के निशान
. मांसपेशियों में कमजोरी
. बुखार होना
.  बहती नाक व गले में खराश
. सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।

गर्भवती महिलाएं न करवाएं ये ट्रीटमेंट

गर्भवती या स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी बोटॉक्स सर्जरी नहीं करवानी चाहिए। इससे मां और बच्चे दोनों को नुकसान हो सकता हैं।

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