19 SEPTHURSDAY2019 7:58:36 AM
Nari

बच्चे को टोकने की बजाय इन 4 तरीकों से बढ़ाएं उसका कॉन्फिडेंस

  • Edited By Harpreet,
  • Updated: 29 Jul, 2019 04:50 PM
बच्चे को टोकने की बजाय इन 4 तरीकों से बढ़ाएं उसका कॉन्फिडेंस

बच्चे को जरा-जरा सी बात पर डांटने से उनका कॉन्फिडेंस लेवल कम होता है। बच्चे को उसकी गलतियों के बारे में बताना बहुत जरुरी है लेकिन बात-बात पर टोका जाए ये ठीक नहीं। इससे बच्चे का आत्मविश्वास कम होता है। वह जरा-जरा सी बात पर चिढ़ने लगता है जिस वजह से वह खुलकर अपने बचपन को एंजॉय भी नहीं कर पाता। ऐसे में जरुरी है बच्चे को कुछ ऐसे तरीके से समझाया जाए जिससे वह आपकी बात का बुरा भी न मानें और आपकी बात ज्लद समझ भी जाए।

कंट्रोल करने की बजाए समझाना ज्यादा जरुरी

अक्सर देखा गया है कि माएं बच्चों की हर गलती पर उन्हें लंबे-लंबे लेक्चर देना शुरु कर देती हैं। गलती पर डांटना सही है लेकिन हर बार छोटी-छोटी बातों पर टोकने से बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर पड़ता है। खेलने-कूदने की उम्र में बच्चा डरा-डरा और सहमा महसूस करना शुरु कर देता है। बच्चे को टोकने की बजाए उसके उसके कामों में हाथ बटाना शुरु करें। इससे एक तो बच्चा गलतियां कम करेगा साथ ही आप बच्चे के साथ होते हुए उसे तरीके से गलतियों के बारे में समझाती रहेंगी। 

PunjabKesari, Nari

अन्य बच्चों के साथ न करें कंपेरिजन

अगर आपका बच्चा किसी काम की शुरुआत कर रहा है तो उसमें कमियां निकालने की बजाय उसके काम करने का तरीका नोटिस करें। बच्चे को बार-बार टोकने से उसका आत्मविश्वास कमजोर होगा और वह सही तरीके से अपना काम नहीं कर पाएगा। कभी भी अपने बच्चे का कंपेरिजन अन्य किसी बच्चे के साथ न करें। ऐसा करने से या तो बच्चा डिप्रेशन में रहने लगेगा या फिर हीन भावना के चलते जीवन में अपने से आगे रहने वालों से नफरत करने लगेगा।

बच्चे को उसका काम खुद करना सिखाएं

बच्चे को उसके छोटे-छोटे काम खुद करने दें। इससे आपका बच्चा सेल्फ इंडीपेंडेंट बनेगा जो उसके आने वाले जीवन में बहुत काम आएगा। अगर बच्चा कहीं किसी मुश्किल में फंस जाए तो उसकी मदद करें लेकिन जितना हो सके शांत रहें। काम के दौरान हंसी-खुशी का माहौल बनाकर रखें ताकि बच्चा उस काम को करते वक्त बोरियत महसूस न करे।

PunjabKesari, Nari

आसानी से पूरा हो जाने वाला काम बच्चे को दें

बच्चे को छोटे-छोटे आसानी से पूरे होने वाले काम दें जैसे बिस्तर ठीक करना, खिलौने अरेंज करना, पौधों में पानी देने आदि। बच्चों को पहले खुद ये काम करके दिखाएं, फिर उनसे करवाएं। जब बच्चा इन सब कामों को सीख जाए तो धीरे-धीरे अन्य काम करने के तरीके बताएं।

लाइफस्टाइल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए डाउनलोड करें NARI APP

Related News