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डिलीवरी के बाद टीवी एक्ट्रेस छवि का एक कान हुआ खराब, 10 महीने बाद दिया बेटे को जन्म

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 18 May, 2019 12:24 PM
डिलीवरी के बाद टीवी एक्ट्रेस छवि का एक कान हुआ खराब, 10 महीने बाद दिया बेटे को जन्म

टीवी एक्ट्रेस छवि मित्तल ने 10 महीने की प्रैग्नेंसी के बाद 13 मई को एक प्यारे से बेटे को जन्म दिया। उन्होंने अपने बेटे का नाम अरहम हुसैन रखा है लेकिन डिलीवरी के बाद से ही उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए बनाया कि उनकी सुनने की शक्ति चली गई है।

जी हां, बेटे अरहम को जन्म देने के बाद छवि को एक कान से सुनना बंद हो गया है। फिलहाल अभी वह हॉस्पिटल में हैं और उनका ट्रीटमेंट चल रहा है।

 

10वें महीने में दिया बेटे को जन्म

हैरानी की बात तो यह है कि छवि प्रैग्नेंसी के समय बिल्कुल फिट थी। इतना ही नहीं, वह प्रैग्नेंसी के आखिरी वक्त कर काम कर रही थी। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि डिलीवरी के बाद उन्हें इतनी परेशानियां होंगी। सबसे अजीब बात ये थी कि छवि ने 9वें महीने में नहीं बल्कि 10वें महीने बेटी को जन्म दिया। इतना ही नहीं, डिलवरी के बाद उन्हें एक कान से सुनाई देना बंद हो गया, जोकि एक रेयर केस है।

इंस्टाग्राम पर बयां किया दर्द

उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'मेरे पैरों और बॉडी के कई पार्ट्स में सूजन है। मेरे सिर में भी बेहद दर्द है। ऐसा लगता है मानो सर फट जाएगा। इसकी वजह है मेरी स्पाइनल कॉर्ड यानि रीढ़ की हड्डी। इसकी वजह से मैं बैठ नहीं पा रही हूं। 5 लीटर पानी पी रही हूं और हर 15 मिनट में टॉयलेट जा रही हूं। यहां तक की एक कान से सुनाई देना भी बंद हो गया है। मगर अपनी अगली वेब सीरीज के लिए मुझे काम करना पड़ रहा है  इसलिए रात को 1 बजे जब मेरा बेटा सो जाता है तो मैं दफ्तर का कुछ काम निपटा पा लेती हूं।'

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

My feet are so swollen that even flip flops don't fit. So is the rest of my body. My head hurts like it'll explode, due to the spinal tap. I've gone deaf in one ear, also an extremely rare side effect of the spinal tap. I'm supposed to drink 5 litres of water, and getting up to go the loo takes 15 minutes. Lying down is the only position that gives me comfort, sometimes I even eat in that position. But right now, at 1am, I'm doing some office work, when the baby sleeps and there's some peace, because @shittyideastrending 's new Web-series #BinBulayeMehmaan had to be launched today. I know this will pass. This pain will be forgotten. But will the pain that I endured on my soul during the birth be ever forgotten? Sharing my birth story soon, when I feel ready. 🙏 #birthstory ___________________________ #birth #pain #chhavimittal #mypregnancyjourney #labourroom #ot

A post shared by Chhavi Mittal (@chhavihussein) on May 16, 2019 at 6:44am PDT

क्या है स्पाइनल कॉर्ड?

स्पाइनल कॉर्ड नसों का एक ऐसा समूह होता है, जो दिमाग के संदेश को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाता है। स्पाइनल कॉर्ड यानी रीढ़ की हड्डी में चोट का असर पूरे शरीर, खासकर हाथ-पांव पर पड़ता है। चोट के बाद कई बार तेज सिरदर्द और रोजमर्रा के काम करने में भी मुश्किल आती है।

रीढ़ की हड्डी में दर्द के कारण

-डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण हड्डियों और लिगमेंट लचीली, मुलायम या ढीला हो जाती है। इसके कारण पेल्विक बोन में कम स्थिरता महसूस करते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी में दर्द चलना, खड़े रहना,या बैठने में परेशानी होती है।
-गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय बड़ा हो जाता है और मांसपेशियों में तनाव के कारण रीढ़ की वो कमजोर हो जाती है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता हैं और रीढ़ की हड्डी दर्द होने लगता है।
-गर्भावस्था में वजन बढ़ने से मांसपेशियों और जोड़ों पर भार पड़ता है और उन्‍हें अधिक कार्य भी करना पड़ता है, जिसके चलते स्पाइनल कॉर्ड में दर्द की शुरूआत होती है।

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दर्द का घरेलू उपचार

-सरसों या तिल के तेल में चुटकीभर सेंधा नमक और 2-3 लहसुन की कलियां डालकर हल्का गर्म करें और इससे कमर की रोजाना मालिश करें।
-एक गिलास पानी में 10 ग्राम सोंठ व जीरा डालकर उबालें। फिर छानकर गुनगुना पीएं।
-मलाई रहित दूध में  आधा केला और मिश्री मिलाकर लें। इसके अलावा हल्दी वाला दूध पीने से भी आपको आराम मिलेगा।
-भोजन में लहसुन, अदरक, सोंठ, सेंधा नमक, नींबू और प्याज का अधिक इस्तेमाल करें।

इन बातों का रखें ख्याल

-नवजात को दूध पिलाते समय पीठ को सीधा रखकर सही तरीके से बैठें और पीठ के पीछे कोई छोटा तकिया रख लें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके पैर लटके या जमीन पर लगे हुए ना हो।
-प्रैग्नेंसी और डिलीवरी के बाद अपनी डाइट में ऐसी चीजें शामिल करें, जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा हो।
-दोनों पैरों पर बराबर वजन रखते हुए खड़े हों। यह नहीं कि एक पैर पर आपके पूरे शरीर का बोझ हो।

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