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प्रेग्नेंसी में पॉप स्टार बियॉन्से को हुई थी यह बीमारी, प्रेग्नेंट महिलाओं को लक्षण जानना जरूरी

  • Edited By Priya dhir,
  • Updated: 22 Apr, 2019 03:51 PM
प्रेग्नेंसी में पॉप स्टार बियॉन्से को हुई थी यह बीमारी, प्रेग्नेंट महिलाओं को लक्षण जानना जरूरी

मशहूर अमेरिकन सिंगर बियॉन्से इन दिनों खूब सुर्खियों में है। बियॉन्से पर बनी फिल्म ‘होमकमिंग’ हाल में ही रिलीज हुई है. फिल्म में बियॉन्से ने अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में भी बात की है। दरअसल, बियॉन्से का प्रेग्नेंसी पीरियड काफी मुश्किल भरा रहा और ख़तरनाक भी। दरअसल, उनके पेट में ट्विन्स थे। उनमें से एक बच्चे की धड़कन काफी कमजोर हो गई थी, जिसकी वजह से इमरजेंसी में बियॉन्से का ऑपरेशन करना पड़ा।

 

काफी मुश्किल भरी रही बियॉन्से की प्रेग्नेंसी

बता दें कि बियॉन्से को प्रीक्लेम्पसिया था, जिसके कारण उन्हें प्रेग्नेंसी में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आइए जाने आखिर क्या होता है प्रीक्लेम्पसिया?

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क्या होता है प्रीक्लेम्पसिया?

प्रीक्लेम्पसिया का मतलब है प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर हाई होना। साथ ही प्रेग्नेंसी में या डिलीवरी के बाद यूरिन में प्रोटीन निकलना। ये सामान्य तौर पर होने वाले हाई ब्लड प्रेशर से बिल्कुल अलग है जो डिलीवरी के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। इससे आपकी किडनी या लीवर में दिक्कत हो सकती है। प्रीक्लेम्पसिया ज्यादातर प्रेग्नेंसी के 20वें हफ्ते के बाद होता है लेकिन कुछ मामलों में ये उससे पहले या डिलीवरी के बाद हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आठ से 10 फीसदी प्रेग्नेंट औरतें इस कंडीशन से जूझती हैं।

प्रीक्लेम्पसिया के कारण

-ब्लड वेसेल्स में दिक्कत
-पेट में एक से ज़्यादा भ्रूण होना
-35 के बाद प्रेग्नेंसी
-मोटापा
-डायबिटीज

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प्रीक्लेम्पसिया के लक्षण

उन महिलाओं में प्रीक्लेम्पसिया के लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं जिन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। ब्लड प्रेशर की ये समस्या प्रेग्नेंसी में बढ़ जाती है जो प्रीक्लेम्पसिया का रूप ले लेती है। 

-सिर में दर्द
-चेहरे और हाथों में सूजन होना
-एकदम से वजन बढ़ना
-आंखों की रोशनी कमज़ोर होना
-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द रहना

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मां और शिशु दोनों के लिए खतरा

प्रीक्लेम्पसिया मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है। इससे ग्रस्त महिलाओं में शिशु को सही मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचता। इसका असर प्रेग्नेंट महिला के लीवर, किडनी और दिमाग पर भी पड़ता है।

घरेलू उपाय

-इस सिचुएशन में अधिक से अधिक बेड रेस्ट लें
-प्रेग्नेंसी में अपने वजन पर कंट्रोल रखें।
-अगर आप दूसरी बार गर्भवती हो रही हैं और आपको पहली बार प्रीक्लेम्पसिया हो चुका है तो सतर्क रहें। एस्पिरिन कम लें। इसे 
-प्रेग्नेंसी में यूरीन कभी ना रोकें। साथ में ज्यादा पानी पीएं।
-हमेशा ढीले-ढाले कपड़ों में ही रहें
-ध्रुमपान ना करें 

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