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छोटी उम्र में क्यों बननी शुरू हो गई है रसौलियां?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 19 Oct, 2020 02:39 PM
छोटी उम्र में क्यों बननी शुरू हो गई है रसौलियां?

महिलाओं से जुड़ी हैल्थ प्रॉब्लम्स में से एक यूट्रस से जुड़ी समस्याएं भी हैं जो आजकल शादीशुदा हो या टीनएज, दोनों को ही सुनने को मिल रही है। 10 में 7 औरतें गर्भाश्य से जुड़ी किसी ना किसी प्रॉब्लम से जूझ रही है। भारतीय महिलाओं की तोंद बढ़ने की एक वजह यह भी है।

 

क्या है गर्भाश्य में कैंसर?

गर्भाश्य में सूजन व छोटे-छोटे सिस्ट व रसोलियां बननी छोटी उम्र में ही शुरु हो गई है। तो बता दें कि इन तीनों ही प्रॉब्लम का कनैक्शन हमारे लाइफस्टाइल से है। बाहर का फ्राइड अन हैल्दी खाना, फिजिकल एक्टिविटी ना करना और काम का स्ट्रेस, ये सब चीजें गर्भाश्य की रसोलियां और सूजन पैदा करती हैं जिससे पीरियड्स प्रॉब्लम शुरू हो जाती हैं यह बांझपन व यूट्रस कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बना सकती है, जिसे गर्भाशय फाइब्रॉइड कहते हैं।

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जानिए यूट्रस में सूजन पड़ने के कारण

वैसे तो 50-55 साल की उम्र की महिलाओं में सूजन तब आती है जब मेनोपॉज का समय करीब हो जाए यानि पीरियड्स बंद होने वाले हो लेकिन पीसीओएस (PCOS) की समस्या है तो उसे भी सूजन हो सकती है। वहीं अगर 20 से 40 उम्र की लड़कियों की बच्चेदानी में सूजन की वजह

. कब्ज या एसिडिटी हो सकती है।
. फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर होना
. मोटी लड़कियों को
. टाइट कपड़े पहनने वाली
. ज्यादा दवाइयों का सेवन करने वाली
. बाहर का तला व ज्यादा खाने वाली
. जो ज्यादा व्यायाम करती हो उन्हें

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अब कैसे पता लगाएं कि यूट्रस में सूजन आ गई है...

. लगातार पेट बढ़ते रहना
. पेट दर्द, गैस तथा कब्ज होना
. पीठ में दर्द रहना
. प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन
. पीरियड्स में तेज दर्द व ठंड लगना
. संबंधों के दौरान दर्द
. बार-बार पेशाब आना
. लूज मोशन, उल्टी

वैसे तो यूट्रस से जुड़ी प्रॉब्लम में डाक्टरी जांच करवाना बहुत जरूरी है लेकिन कुछ घरेलू नुस्खे भी इसमें फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

नीम के पत्ते

नीम के पत्ते और सोंठ को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। दिन में 1 बार इसका सेवन करें। इससे सूजन सही होगी।

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हल्दी वाला दूध

दिन में 2 बार हल्दी वाला दूध पीएं। आप बादाम दूध का काढ़ा बनाकर

मुलेठी पाउडर

1/4 चम्मच मुलेठी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर पीएं।

अलसी के बीज

1 चम्मच पीसी हुई अलसी के बीजों को दूध में तब तक उबालें जब तक वो आधा न हो जाए। रात में सोने से पहले इसके सेवन करें।

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लेकिन इन बातों का ध्यान जरूर रखें...

. नियमित अलट्रा साऊंड टेस्ट करवाती रहें।
. असुरक्षित यौन संबंध ना बनाए
. हैल्दी डाइट खाएं।
. ज्यादा एक्सरसाइज ना करें और योग जरूर करें।
. पानी ज्यादा पीएं और सर्दियों में गुनगुना पानी पीती रहें।
. वायरस और बैक्टीरिया इंफेक्शन से खुद का बचाव करें।
. मोटापा बीमारियों का घर है इसलिए अपने वजन कंट्रोल में रखें।

वहीं अगर यूट्रस में रसोलियां या सिस्ट बन रहे हैं तो डाक्टरी जांच करवाएं। दवा का कोर्स जरूर पूरा करें लेकिन लाइफस्टाइल को जरूर हैल्दी बनाएं नहीं तो एक बार ठीक होने के बाद दोबारा से यह समस्या शुरु हो जाएगी। आपको हमारा यह पैकेज कैसा लगा बताना ना भूलें।

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