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पहले 3 महीने में मिसकैरेज होने की 6 वजह, बरतें सावधानी

  • Edited By Priya verma,
  • Updated: 06 Nov, 2018 12:27 PM
पहले 3 महीने में मिसकैरेज होने की 6 वजह, बरतें सावधानी

गर्भावस्था की पहली तिमाही में मिसकैरेज होना आम बात है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे गलत दवाइयों का सेवन, प्लेसेंटा की स्थिति, जेनेटिक कारण, वेजाइना में इंफैक्शन, शारीरिक कमजोरी आदि। इसके अलावा लगातार खड़े रहने, आराम न करने, भारी वजन उठाने, गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करना भी मिसकैरेज का कारण बन सकता है। अगर इन कारणों को जानते हुए गर्भवती औरत खुद का ख्याल रखें तो मिसकैरेस जी स्थिति से बचा जा सकता है। जानें कौन-से कारण बनते सकते हैं इसकी खास वजहें।  


1. बच्चेदानी की खराबी
बच्चेदानी में खराबी प्रेग्नेंसी के तीन महीने का सबसे बड़ा कारण है। मिसकैरेज के 30 से 35 प्रतिशत मामले इसी वजह से होते हैं। अगर किसी महिला की बच्चेदानी एक न होकर 2 भागों में बंटी हो तो गर्भ में बच्चा एक या फिर दोनों भागों में ठहर सकता है। इससे उसे पूरा पोषण नहीं मिल पाता और मिरकैरेज के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। 

2.  इंफैक्शन
बच्चेदानी में इंफैक्शन भी इसकी मुख्य वजह है। कई बार तो संक्रमण के कारण गर्भ ठहरने में भी बहुत परेशानी होती है। पीरियड्स में किसी भी तरह की कोई परेशानी आ रही है तो पहले ही महिला चिकित्सक से इसकी जांच करवा लें ताकि प्रेग्नेंसी में कोई दिक्कत न आए। 
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3. नशीले पदार्थों का सेवन
जो महिलाएं धूम्रपान या फिर अल्कोहल का सेवन करती हैं, उन्हें भी मिसकैरेज की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

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4. पुरुष भी है कारण
कुछ मामले में मिसकैरेज का कारण मर्द भी हो सकते हैं। अगर पुरुष के वीर्य में किसी तरह की कोई परेशानी है तो बच्चा बनाने वाले भ्रूण का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता। इससे महिला का मिसकैरेज हो सकता है।  

5. पोषक तत्वों की कमी
महिलाओं के लिए खुद का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। अगर पहले से ही उनके शरीर में पोषक तत्वों का अभाव हो तो शादी के बाद प्रेग्नेंसी में भी यह कमी पूरी नहीं हो पाती। जिससे मिसकैरेज के चांस बढ़ जाते हैं। 

6. डायबिटीज या अन्य बीमारी
शरीर अगर कुछ रोगों का शिकार है तो प्रेग्नेंसी में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। यह समस्या डायबिटीज रोग में ज्यादा होती है, इस स्थिति में गर्भ ठहर तो जाता है लेकिन तीन महीने में ही गर्भपात हो सकता है। इसके अलावा गुर्दे की खराबी,हाई ब्लड प्रेशर,एनीमिया, बच्चेदानी में रसौली आदि इसकी खास वजहें है। 
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