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शहरों में रहने वाले 50% पुरुष और 60% महिलाओं को डायबटिज का खतरा

  • Edited By Bhawna sharma,
  • Updated: 28 Nov, 2020 01:04 PM
शहरों में रहने वाले 50% पुरुष और 60% महिलाओं को डायबटिज का खतरा

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जो कि साइलेंट किलर की तरह अटैक करती है। यह समस्या पुरूषों से ज्यादा महिलाओं में देखने को मिलती है। पहले यह बीमारी 40 की उम्र के बाद होती थी लेकिन आजकल महिलाएं किसी भी उम्र में इसका शिकार हो रही हैं। महिलाओं में डायबिटीज के लक्षण पुरूषों से अलग होते हैं। डायबिटीज के मरीज को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि छोटी सी गलती आपके स्वास्थ्य के लिए कई मुश्किले खड़ी कर सकती है। डायबिटीज पर की गई रिसर्च के मुताबिक 20 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में इस बीमारी का खतरा 55.5% होता है जबकि महिलाओं में 65% होता है। 

50% पुरुष और 60% महिलाओं में डायबटिज का खतरा

डायबिटीज को लेकर अमेरिका, यूके और भारत से एम्स के डॉक्टर्स की टीम ने रिसर्च की है। जिसमें पाया गया है कि भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। रिसर्च में पता चला है कि मोटापे के शिकार लोग 20 साल की उम्र में ही डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा 40 से 60 साल के उम्र के पुरुषों को 47 फीसदी डायबिटीज होने का खतरा है जबकि 40 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को 59 फीसदी और 60 से ज्यादा उम्र की महिलाओं में 27 फीसदी इस बीमारी के होने के खतरा होता है।

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डायबिटीज कैसे होती है?

डायबिटीज होने का कारण इंसुलिन की कमी या इंसुलिन रेजिस्टेंस है, मीठा खाना नहीं। मगर इसका ये मतलब नहीं कि डायबिटीज होने के बाद भी शुगर खाना उसी मात्रा में बरकरार रखा जाए। डायबिटीज के मरीज मिठाई डॉक्टर की सलाह से खा सकते हैं। इसके साथ ही मिठास के लिए शक्कर की जगह एस्पार्टेम (कम कैलोरी वाला स्वीटनर) का यूज करना इनके लिए फायदेमंद है।

डायबिटीज के कारण 

खराब लाइफस्टाइल है वजह

आज के समय में डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण गलत लाइफस्टाइल है। भरपूर डाइट ना लेना, गलत डाइट, पानी ना पीना, एक्सरसाइज ना करना और फिजिकल एक्टिविटीज को लेकर निष्क्रिय रहना जैसी गलत आदतें भी आपको डायबिटीज का मरीज बना देती हैं। ऐसे में अगर इस बीमारी से बचना है तो अपना लाइफस्टाइल सुधारें।

ब्रेकफास्ट छोड़ना भी एक वजह

सुबह नाश्ता स्किप करके आप टाइप-2 डायबिटीज को न्यौता दे रहे हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग रोज नाश्ता नहीं करते उनमें डायबिटीज का खतरा 33% और हफ्ते में 4 दिन ब्रेकफास्ट ना करने वाले में इसका खतरा 55% अधिक होता है। दरअसल, सुबह का नाश्ता ना करने से शरीर के अंदर इंसुलिन का रेसिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे मेटाबोलिज्म सिस्टम पर दबाव पड़ने लगता है और इससे शरीर के अंदर डायबिटीज के लक्षण पनपने लगते हैं।

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यूं रखें बचाव

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो सबसे पहले अपनी शुगर लेवल को कंट्रोल में रखे। इसके लिए अपने लाइफस्टाइल और डाइट पर ध्यान दें। साथ ही हर महीने डायबिटीज चेक करवाएं, ताकि समय रहते इसके खतरे से बचा जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ और बातों का ध्यान रखकर आप इसके खतरे को कम कर सकती हैं जैसे...

- 35-40 की उम्र में किसी भी तरह का हार्ट डिजीज होने पर रोगुलर चेकअप करवाते रहें।

- अपनी डाइट पर कंट्रोल रखें और लो फैट डाइट लें। इसके अलावा डाइट में हरी सब्जियां, सजीन फल, ग्रीन टी, मछली और नट्स जैसी हेल्दी चीजों को शामिल करें।

- तंबाकू, धूम्रपान और अल्कोहल जैसी चीजों का सेवन न करें और जंक फूड्स व मसालेदार भोजन से भी परहेज करें।

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- दिल पर दबाव ना डालें, नियमित और उचित व्यायाम करें।

- अपने कॉलेस्ट्रॉल का ध्यान रखें क्योंकि ज्यादा कॉलेस्ट्रॉल से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

- सीने में हल्की सी भी बेचैनी, पसीना, जबड़े, गर्दन, बाजू और कंधों में दर्द, सांस का टूटना बिल्कुल नजर अंदाज ना करें। इन लक्षणों के नजर आने पर तुंरत मेडिकल सहायता लें।

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