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नवजात शिशु से जुड़े 5 भ्रम, जिन्हें पेरेंट्स मान लेते है सच

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 07 Nov, 2019 03:06 PM
नवजात शिशु से जुड़े 5 भ्रम, जिन्हें पेरेंट्स मान लेते है सच

जब आप पहली बार पेरेंट्स बनते है तो आपके मन में बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य को लेकर कई तरह के सवाल मन में आते रहते है। लोगों की बातें और बुक्स पढ़ कर आपके मन में कई तरह के भ्रम पनपते रहते है। जैसे की कहा जाता है कि जब बच्चों के दांत निकलते है तो उन्हें बुखार आता है या फिर उन्हें महीने भर सोते ही रहने देना चाहिए आदि। जरुरी नहीं है कि यह सारी बातें सच हो इसलिए आपको समय-समय पर बच्चों डॉक्टर को दिखाते रहना चाहिए अगर उन्हें किसी तरह की समस्या है तो उनका इलाज कर सकें। चलिए आज हम आपको बताते है कि नवजात शिशुओं से जुड़े ऐसे 5 मिथकों के बारे में, जिन पर आपको भरोसा नहीं करना चाहिए।


बच्चों का रोना भूख से जोड़ना 

आमतौर पर जब बच्चे रोते है तो मांओं को लगता है कि उन्हेें भूख लगी है लेकिन ऐसा नहीं होता है। रोना बच्चो के बोलने का एक तरीका होता है जब भी वह अपने आसपास कुछ बदलाव महसूस करते है तो वह रोते है। जब नहा रहे हो, दूध पिला रहे हो या आपसे दूर भी होते है तो वह रोते है। ऐसे में जब आप उनके पास आते है तो बच्चे सुरक्षित महसूस करके चुप हो जाते है। इसिलए बच्चों का रोना सुन कर उन्हें हर समय खिलाते या पिलाते न रहे और न ही बच्चों के फीडिंग शेड्यूल को बदलने की कोशिश करें।  जब बच्चे रोएं तो उनके पास रहे और उन्हें सुरक्षित महसूस करवाएं।

 

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दांत निकलने के कारण होता है बुखार 

अक्सर कहा जाता है कि जब बच्चों के दांत निकलते है तो उन्हें बुखार हो जाता है लेकिन यह बात सच नहीं  है। 6 से 12 महीनों के बीच बच्चों के शुरुआती दांत निकलते है इसी दौरान उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली भी विकसित होती है और उनके बीमार होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आपको बच्चों का ध्यान रखना चाहिए अगर बच्चों को बुखार हो जाए तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।

वॉकर से बच्चे जल्दी चलना सीखते है

कहा जाता है कि बच्चे वॉकर की मदद से जल्दी चलना सीख जाते है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। बच्चे धीरे-धीरे खुद ही चलना सीखते है आप हमेशा उनकी उंगली पकड़ कर चलना सिखाएं। वॉकर की मदद से जब वह चलते है तो उन्हें चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। जब बच्चे वॉकर की मदद से चलते है तो गिरने के कारण उनकी नाजुक मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अगर आप बच्चों को वॉकर चलाने के लिए दे रही है तो कोशिश करें बच्चे आपके सामने रहे अकेले वॉकर का इस्तेमाल न करें।

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बच्चों को 6 महीने से पहले खाने की चीज देना 

आपको लोग अक्सर कहते होगें बच्चों को पहले 3 महीने तक राते के समय सोना चाहिए ताकि वह जल्दी बढ़ सकें। इतना ही नहीं, बच्चे आराम से सो जाएं इसलिए आप उन्हें खाने में हैवी डाइट दें लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। पहले 6 महीनों में बच्चों को कभी भी हैवी डाइट नहीं देनी चाहिए। इन दिनों बच्चों को सिर्फ मां का दूध और पानी ही देना चाहिए। मां के दूध में वह सभी पौषक तत्व पाए जाते है जो कि शरीर के लिए जरुरी होते है। 

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बच्चों की रोज शौच करना है जरुरी 

नवजात बच्चे अगर 2 से 3 दिन में एक बार शौच करते है तो सामान्य है। कई बार बच्चों को रोज पॉटी नहीं आती है। इस दौरान बस आपको उनकी पॉटी के रंग-ढंग पर ध्यान देने की जरुरत होती है। बच्चों को नर्म पॉटी आ रही है तो सब ठीक है लेकिन अगर कठोर पथरी जैसी पॉटी आ रही तो शिशु को कब्ज होने का डर है। ऐसे में आपको बच्चों को डॉक्टर को दिखा कर सलाह लेनी चाहिए। बाजार का या फार्मूला दूध पीने वाले बच्चों में स्तनपान करने वाले शिशुओं में कब्जय की अधिक संभावना होती है।
 

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