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शिल्पा का यह कदम कितना सही? सेरोगेसी बिल के बारे जरूर जानें महिलाएं

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 28 Feb, 2020 04:32 PM
शिल्पा का यह कदम कितना सही? सेरोगेसी बिल के बारे जरूर जानें महिलाएं

हाल ही में शिल्पा शेट्टी के घर नन्हा मेहमान आया जिसकी खबर उन्होंने खुद इंस्टा पोस्ट के जरिए थी जैसे ही उन्होंने यह खबर अपने अंकाऊट पर शेयर की लोगों ने हैरानी भी दिखाई और बधाई भी दी, हैरानी इसलिए क्योंकि कुछ समय पहले ही उन्हें बिग बॉस में देखा गया था तो शिल्पा एक दम स्लिम फिट थी तभी बच्चे की बात ने सब हैरान कर दिया, दरसअल बेबी के लिए उन्होंने सेरोगेसी का सहारा लिया क्योंकि उनका कहना था कि वह पिछले 5 सालों से बेबी प्लानिंग कर रही थी लेकिन बिजी शेड्यूल के चलते वह ऐसा नहीं कर पाईं। शिल्पा के सेरोगेसी प्लानिंग पर शाहिद की बीवी मीरा ने भी निशाना साधा और कहा कि फिगर को लेकर इतना भी क्या सोचना ! प्रेग्नेंसी के बाद भी तो खुद को फिट एंड फाइन रखा जा सकता है। 

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बता दें कि शिल्पा ही नहीं और भी बहुत सारे स्टार्स हैं जिन्होंने सेरोगेसी के जरिए पेरेंट्स बनना जरूरी समझा जिसमें एकता कपूर, तुषार कपूर, गौरी खान, आमिर खान, करण जौहर आदि सब इसी लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन क्या बच्चा पैदा करने में समर्थ होने के बावजूद सेरोगेसी को अपनाना सही हैं, चलिए पहले बताते आखिर यह पूरा प्रोसेस होता क्या है और इसमें कौन से कानूनी नियम हैं। 

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क्या है सरोगेसी?

सरोगेसी उस अरेंजमेंट को कहते है जिसमें शादीशुदा कपल बच्चे पैदा करने के लिए किसी महिला की कोख किराए पर लेते हैं, इसकी पीछे कई वजहें हो सकती हैं जैसे कि अगर जोड़ा बच्चे पैदा करने में अक्षम है या फिर महिला को कंसीव करने से जान जाने का खतरा हो तो और जो उस कपल के लिए किराए पर अपनी कोख देती हैं उन्हें सरोगेट मदर कहते हैं.. लेकिन भारत कई देशों के दंपतियों के लिए सरोगेसी का केंद्र बनता जा रहा था जिससे सरोगेट मांओं के शोषण, सरोगेसी से पैदा हुए बच्चे को छोड़ देने और मानव भ्रूणों के इम्पोर्ट के मामले सामने आए हैं, जिसे देखते हुए सेरोगेसी नियमों को कड़ा किया गया। चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं...

1. सरोगेसी बिल में कमर्शियल सरोगेसी पर बैन लगा है जबकि अल्ट्रूटिस्टिक सरोगेसी में महिला अपनी मर्जी से दूसरों के लिए प्रेग्नेंसी के लिए राजी होती है और इसके लिए पैसे का भुगतान नहीं लेती है। हालांकि उसे प्रेग्नेंसी के दौरान अपना ध्यान रखने और मेडिकल जरूरतों के लायक पैसे ही दिए जा सकते हैं।
2. कपल की शादी को कम से कम 5 साल हो चुके होने चाहिए। उनमें से कम से कम कोई एक इन्फ़र्टाइल (बच्चे पैदा करने में अक्षम) होना चाहिए। उन्हें यह बात साबित करनी होगी कि वे मेडिकली बच्चा पैदा करने में अक्षम हैं।
3. सरोगेसी से बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे जोड़े की उम्र 23 से 50 साल (स्त्री) और 26 से 55 साल (पुरुष) होनी चाहिए।
4. सरोगेट मां जोड़े की नजदीकी रिश्तेदार ही होनी चाहिए। इसे कानून में यह परिभाषित नहीं किया गया है कि नजदीकी रिश्तेदारों में कौन-कौन आएंगे।
5. सरोगेट मां का भी विवाहित होना जरूरी है. उसका कम से कम अपना एक बच्चा पहले से होना चाहिए।
6. सरोगेसी से पैदा हुए बच्चे का किसी भी स्थिति में परित्याग नहीं किया जाएगा और उसे जैविक रूप से उत्पन्न बालक के समान अधिकार होंगे।
7. सरोगेट मां केवल 1 बार सरोगेट मां बन सकती है।

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जबकि अब सेरोगेसी से जुड़ा केंद्रीय केबीनेट यानि union cabinet ने एक बड़ा फैसला लेने जा रही है, जिसके तहत पुराने बिल में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। दरअसल केंद्रीय केबीनेट ने Assisted Reproductive technology ( regulation) bill को मंजूरी दे दी और इस मंजूरी के बाद अब ये लोकसभा और राज्य सभा में जाएगा और अंत में राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ये कानून में तब्दील हो जाएगा। 

 सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2020 के ड्रॉफ्ट के मुताबिक-

- कोई भी महिला अपनी इच्छा से सरोगेट मां बन सकेगी
- विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी इसका फायदा मिलेगा
- सिर्फ भारतीय जोड़े ही देश में सरोगेसी के जरिए संतान प्राप्त कर पाएंगे
- इस बिल के तहत दोनों माता-पिता का भारतीय होना जरूरी 

इस बिल के मुताबिक क्या होगा नया-

- नेशनल सरोगेसी बोर्ड और राज्यों में स्टेट सरोगेसी बोर्ड बनाए जाएंगे
- कोई भी विदेशी व्यक्ति भारत में सरोगेसी के जरिए बच्चे पैदा नहीं कर सकेगा
- भारतीय विवाहित जोड़े, विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के विवाहित जोड़े इसका फायदा उठा सकेंगें।
- अकेली भारतीय महिलाएं ही कुछ शर्तों के अधीन सरोगेसी का फायदा उठा सकेंगी
- अकेली महिलाओं की स्थिति में उनका विधवा या तलाकशुदा होना जरूरी होगा और उनकी उम्र 35 से 45 साल के बीच होनी चाहिए।

पुराने बिल में किए हैं बदलाव-

- पुराने बिल के तहत इसमें केवल नजदीकी रिश्तेदार महिला को ही सरोगेट मदर बनने की इजाजत दी गई थी पर लोगों ने इसका काफी criticism किया था।

इस बिल को लाने का कारण ये है कि इससे तकनीकों का गलत इस्तेमाल न हो,स्मृति ईरानी ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद ट्वीट भी किया था।

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