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जानिए कौन है चंद्रकांत भाई जिन्होंने 30 साल पहले तैयार किया था राम मंदिर का डिजाइन?

  • Edited By Sunita Rajput,
  • Updated: 25 Oct, 2020 03:43 PM
जानिए कौन है चंद्रकांत भाई जिन्होंने 30 साल पहले तैयार किया था राम मंदिर का डिजाइन?

5 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की आधार शिला रख दी है, जिसके बाद अब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। कहा जाता रहा है कि इस मंदिर को शिलप शास्त्र के हिसाब से बनेगा का निर्णय लिया गया है, इस बीच चंत्रकांत भाई सोमपुरा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, ये वहीं चंद्रकांत सोमपुरा हैं जिन्होंने करीब 30 साल पहले राम मंदिर का मॉडल बनवाया था, चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने जो डिजाइन तैयार किया है, उनके हिसाब से मंदिर निर्माण में तकरीबन तीन साल का समय लग सकता हैं। चलिए जानते हैं राम मंदिर का मॉडल बनाने वाले चंद्रकांत भाई कौन है और किस परिवार से ताल्लुक रखते है...

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विरासत में मिला मंदिरों के नक्शे बनाने का हुनर

जिन चंद्रकांत का हम जिक्र कर रहे हैं, उन्होंने सिर्फ इंटर तक की पढ़ाई की हैं लेकिन उन्हें मंदिरों के डिजाइन बनाने ना उनके निर्माण में महारत हासिल हैं। कहा जाता है कि चंद्रकांत की खासियत है कि उनके पास कोई वास्तुकला की कोई औपचारिक डिग्री नहीं हैं। उन्होंने जो भी सीखा, अपने दादा व पिता से सीखा। चंद्रकांत का पूरा परिवार मंदिर निर्माण व आर्टिक्चेर से जुड़ा हुआ है। जी हां, अहमदाबाद के रहने वाले चंद्रकांत को यह कला विरासत में अपने दादा प्रभशंकर से मिली जो कि गुजरात के फेमस सोमनाथ मंदिर के आर्किटेक्ट थे और मधुरा का मंदिर भी बनवा चुके हैं। जबकि उनके पिता ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में मरम्मत का कार्य किया था, 17 साल की उम्र में चंद्रकांत ने भी पिता के साथ मंदिर मुरम्मद का काम शुरू कर दिया था। पिता की अलकनंदा नदी में ढूबने से मौत हो गई जिसके बाद चंद्रकांत ने दादा से वास्तुकला सीखी। चंक्रकांत ने लंदन स्थित श्री अक्षर पुरूषोत्म स्वामी नारायण मंदिर का नक्शा भी बनाया था, इस मंदिर को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में भी शामिल किया गया है। इसके अलावा उन्हें 1997 में सबसे सर्वक्षेठ आर्किटेक्चर घोषित किया गया था।

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पीढ़ियों से परिवार कर रहा है मंदिर डिजाइन तैयार

चंद्रकांत पूरे देश और दुनिया में भी नागर स्टाइल के मंदिरों का नक्शा तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 200 मंदिर देश-विदेश में बनवाए हैं जिनमें कई मशहूर मंदिर शामिल हैं जैसे गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर, कोलकाता में बिरला मंदिर, मुंबई में स्वामी नारायण मंदिर तैयार किया। माना जाता है कि राम मंदिर निर्माण के लिए इनसे सबसे पहले बात विश्व हिंदू परिषद के मुख्य अशोक सिंघल ने की थी जिसके बाद उन्होंने मंदिर को मॉडल और पत्थर तराशने का काम शुरू हुआ था। मंदिर का नक्शा तैयार करने में करीब 6 महीने लगे और 6 बार अलग-अलग डिजाइन्स तैयार किए गए, जिसके बाद उनकी टीम को नागर शैली में बना मंदिर डिजाइन पसंद आया, जिसपर साल 1990 में इलाहाबाद कुंभ के दौरान संतों की उपस्थिति में सहमति मिली।

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बता दें कि मंदिर का डिजाइन नागर शैली का है जिसकी लंबाई 270 फीट है और चौड़ाई 145 फीट है। बात ऊंचाई की करें तो वो 145 फीट ऊंचा है, मंदिर में एक गर्भगृह, चौकी, सीता मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, भरत मंदिर और गणेश मंदिर है। चार द्वार हैं। कथाकुंज, स्टाफ का रूम आदि भी बनाया गया है, कहा जा रहा है कि मंदिर निर्माण में चंद्रकांत भाई सोमपुरा के बेटे आशीष सोमपुरा भी जुड़े हुए वो भी पेशे से आर्किटेक्ट हैं। उनके मुताबिक, सोमपुरा परिवार की 15 पीढ़ियों का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट राम मंदिर हैं, वैसे राम मंदिर में सोमपुरा के सुझाए मॉडल में थोड़ा बदलाव जरूर किया गया। दरअसल,  प्रस्तावित मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा और इसमें तीन की जगह पांच शिखर होंगे, बाकी नक्शा वहीं रहेगा।

तो ये है वो मशहूर आर्किटेक्चर जिन्होंने 30 साल पहले ही तैयार कर दिया था श्री राम मंदिर का नक्शा।

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