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हैवानियत की हदें पार! गैंगरेप कर जीभ काटी, रीढ़ की हड्डी तोड़ी, मौत से पहले इशारों में बयां किया दर्

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 29 Sep, 2020 07:35 PM
हैवानियत की हदें पार! गैंगरेप कर जीभ काटी, रीढ़ की हड्डी तोड़ी, मौत से पहले इशारों में बयां किया दर्

भले ही भारत के बेटियां चांद पर पहुंच गई हो लेकिन देश में आज भी कई जगहें ऐसी है, जहां बेटियों की इज्जत आबरू सुरक्षित नहीं है। आए दिन लड़कियों के साथ बलात्कार, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ के मामले सामने आ जाते हैं। हाल ही में यूपी के हाथरस इलाके से भी ऐसी ही शर्मनाक मामला सामने आया है जहां एक 19 साल की दलित लड़की गैंगरेप का शिकार हो गई।

गैंगरेप के बाद काटी थी जीभ

दरिंदगों की हैवानियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि लड़की ने हादसे के 15 दिन बाद ही दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। पहले उन हैवानों ने युवती के साथ बारी-बारी शर्मनाक हरकत की और फिर उसकी जुबान काट दी। उनकी दरिंदगी यही नहीं रूकी, वह लड़की चलकर अपने घर ना जा सके इसलिए उन्होंने बेरहमी से उसकी रीढ़ की हड्डी तक तोड़ डाली।

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9 दिन बाद होश में आकर पीड़िता ने सुनाई आपबीती

कटी जीभ, टूटी रीढ़ की हड्डी, जिस्म पर कई गहरे जख्म के साथ पीड़िता को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है तो 9 दिन बाद पीड़िता होश में आई। लेकिन क्योंकि उसकी जुबान काट दी गई थी इसलिए वह मासूम कुछ बोल ना सकी। उसने इशारों में परिवार को अपने साथ हुए आपबीती बयां की। पीड़िता ने इशारों में बताया कि दोषियों ने दुपट्टे से उसका गला घोटने की भी कोशिश की, फिर उसे मरा हुई समझ वहीं छोड़ गए। हर किसी का दिल बेटी के साथ हुए अपराध को सुनकर दहल गया। इसके बाद CO ने पीड़िता के बयान को दो पन्नों पर दर्ज कर लिया।

15 दिन तक लड़ी जिंदगी की जंग

घटना के बाद लड़की को अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। मामला गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में रेफर कर दिया, जहां उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। मगर, परिवार से मुलाकात के 5-6 घंटे बाद ही मंगलवार को पीड़िता की मौत हो गई। इतना सब झेलने के बाद भी उस लड़की ने 15 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ी लेकिन वह ज्यादा दिन तक जी ना सकी।

आरोपियों की पहचान हुई

गौतरलब है कि गांव के ही रहने वाले संदीप, लवकुश, रामू और रवि पर गैंगरेप का आरोप है, जिसकी रिपोर्ट यूपी के हाथरस के थाना चंदपा में लिखवाई गई है। हाथरस पुलिस अधीक्षक का कहना है कि आरोपी संदीप 14 सितंबर से ही पुलिस की गिरफ्त में है। वहीं, आरोपी रामू और लवकुश को भी कुछ दिन बाद ही पकड़ लिया था लेकिन फरार चौथा आरोपी भी 26 सितंबर को पुलिस की पड़ में आ गया था। इसके बाद चारों दोषियों को आगे की कार्यवाही के लिए जेल भेज दिया गया है।

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पुलिस पर लापरवाही का आरोप

आरोप है कि पहले पुलिस भी इस मामले में लापरवाही कर रही थी लेकिन सियासत तेज होने के बाद उन्होंने एक्शन लिया। बताते चले कि 14 सितंबर को गांव के 4 युवकों ने 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप किया था, जिसके बाद पुलिस लापरवाही बरत रही थी। उन्होंने युवकों पर रेप की बजाए छेड़खानी का मामला दर्ज किया। मगर, बाहर आने पर भीम आर्मी से लेकर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती को निशाने पर लिया गया , जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। उसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्त में लिया और रेप के साथ धारा 307 (हत्या की कोशिश) का मुकदमा दर्ज किया।

14 सितंबर को हुआ क्या था?

परिवार के मुताबिक, 14 सितंबर को पीड़िता अपनी मां और भाई के साथ जंगल में घास काटने गई थी। एक गठरी लेकर बड़ा भाई घर चला गया और मां-बेटी वहीं घास काट रही थीं। तभी चारों अभियुक्तों ने पीड़िता को गले में पड़े दुपट्टे से बाजरे के खेत में खींचकर घिनौनी हरकत की। मां ने बेटी को कई आवाजें दी। फिर मां ने पानी देने की मेढ़ में चप्पल देखी और आगे जाकर उन्हें बाजरे के पौधे टूटे हुए दिखे। खेतों में 20 मीटर अंदर जाने के बाद उन्हें पीड़िता बुरी हालत में मिली। इसके मां ने चिल्लाकर मदद मांगी।

आखिर कब सुरक्षित होंगी देश की महिलाएं?

पूरा देश आरोपियों के लिए फांसी की मांग कर रहा है। भले ही आरोपियों को फांसी की सजा मिल भी जाए लेकिन सवाल यह उठता है कि सख्त कानून के बाद भी महिलाओं के साथ ऐसी अभद्र घटनाएं क्यों हो रही हैं? आखिर क्यों आज भी महिलाएं बिना डर घूम नहीं सकती? आखिर क्यों किसी निर्भया को यौन हिंसा का शिकार होना पड़ता है? क्यों लक्ष्मी जैसी बेकसूर लड़कियां एसिड अटैक का दर्द झेलती हैं? कॉलेज जाने वाली लड़कियां छेड़खानी कब तक सहें?

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अब पोस्टर, बैनर, पैम्पलेट और मोमबत्तियों जलाने तक ही मामला सीमित नहीं रहना चाहिए। आज देश ही हर बेटी ना सिर्फ अपने लिए इंसाफ चाहती है बल्कि वो अपने लिए एक ऐसा समाज भी चाहती हैं जहां वो बिना डरे आजादी से घूम सके। समाज में महिलाओं की स्थिति तभी बदलेगी जब ऐसी घटनाओं पर कड़े एक्शन लिए जाएंगे। देश का कानून में इतना सख्ती होना चाहिए कि कोई देखना तो दूर देश की बेटी के बारे में गलत भी ना सोच पाए।

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