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50% भारतीय महिलाओं को आते हैं अश्लील कॉल्स, जानिए क्यों?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 26 Mar, 2019 04:58 PM
50% भारतीय महिलाओं को आते हैं अश्लील कॉल्स, जानिए क्यों?

मोबाइल एक ओर जहां जिंदगी को कई मायनों में आसान बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत में यही मोबाइल महिलाओं के लिए उत्पीड़न की वजह बन गए हैं। एक सर्वे में सामने आया है कि भारत में तीन में से एक महिला को अश्लील कॉल्स आते हैं। इन कॉल्स के अलावा महिलाओं को बैंक, फाइनैंशल इंस्टिट्यूशन्स,और कॉल सेंटर्स आदि के परेशान कर देने वाले कॉल्स को भी झेलना पड़ता है।एक ऐप द्वारा 2,150 महिलाओं पर करवाए गए सर्वे में सामने आया है कि देश में तीन में से एक महिला को नियमित रूप से यौन और अनुचित कॉल या टेक्स्ट का सामना करना पड़ता है। 

 

कितनी बार आते हैं ऐसे कॉल्स 

सर्वे में शामिल की गई महिलाओं में से करीब 50 प्रतिशत महिलाओं को अनुपयुक्त व सेक्शुअल कन्टेन्ट से जुड़े कॉल सप्ताह में एक बार आते है, वहीं 9 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि उन्हें ऐसे कॉल्स का रोज सामना करना पड़ता है। इन कॉल्स का प्रतिशत काफी ज्यादा है लेकिन यह पिछले साल के मुकाबले कम है, जो दिखाता है कि महिलाएं इस तरह के कॉल्स से निपटने के लिए ज्यादा कदम उठा रही हैं। 

 

किसने किया कॉल 

सभी कॉल अनजान लोगों द्वारा नहीं किए गए थे। इस तरह के कॉल करने वालों में वे लोग भी शामिल थे जो या तो पीड़िता को जानते थे या फिर उन्हें स्टॉक करते थे। कुल कॉल्स में से 74 % अनजान कॉलर थे। 23 % स्टॉकर द्वारा किए गए कॉल/मेसेज थे और 11% जान पहचान के व्यक्ति द्वारा किए गए कॉल/मैसेज थे लेकिन यह आंकड़े पिछले साल के मुकाबले 11% कम है।

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ठगी के लिए कॉल 

सर्वे में शामिल हुईं 53 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने माना कि उन्हें जालसाजी व ठगी से जुड़े कॉल किए गए। 

 

उत्पीड़न हैं या परेशानी? 

ज्यादातर महिलाओं ने ब्लैंक कॉल्स को उत्पीड़न माना। सर्वे में ब्लैंक कॉल्स को 'अनजान फोन कॉल्स जिन्हें धमकाने, उत्पीड़न और कॉलर को परेशान करने के इरादे से किया गया हो' के रूप में परिभाषित किया गया। इस परिभाषा में सेल्स या फिर ठगी के लिए किए जाने वाले कॉल्स शामिल नहीं हैं। 

 

महिलाओं पर पड़ रहा असर 

करीब पांच में से चार महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कॉल्स के कारण उन्हें गुस्सा और चिड़चिड़ाहट महसूस हुई, जबकि तीन में से एक महिलाएं इनसे ज्यादा प्रभावित और परेशान हुईं। इसने उन्हें डर और चिंता में डाला। उत्पीड़न के इरादे से हुए इन कॉल्स से प्रभावित महिलाओं की संख्या पिछले वर्ष से अधिक हो गई है, जो दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य पर इस तरह के कॉल्स का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।

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