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गुरु गोबिंद सिंह जयंती: भारत के मशहूर गुरुद्वारे, जहां हर धर्म के लोगों के लिए खुले हैं दरवाजे

  • Edited By neetu,
  • Updated: 20 Jan, 2021 02:57 PM
  • आज सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह की जयंती का शुभ अवसर पूरे देश में बड़ी धूम से मनाया जा रहा है। इस दिन गुरुद्वारों को खासतौर पर फूलों व लाइट्स से सजाया जाता है।
  • तो चलिए आज इस शुभ अवसर पर हम आपको देश के कुछ गुरुद्वारों के बारे में बताते हैं...
  • गुरु की नगरी कहलवाने वाले अमृतसर में हरमंदिर साहिब स्थापित है। माना जाता है कि महाराज रणजीय सिंह ने इसके ऊपरी भाग को सोने से ढका था। इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर यानी गोल्डल टेंपल कहा जाता है।
  • गुरुद्वारा पौंटा साहिब हिमाचल प्रदेश का एक बेहद ही पवित्र व मशहूर गुरुद्वारा है। माना जाता है कि इसी स्थान पर गुरु गोबिंद सिंह करीब 4 साल तक रहे थे।
  • ऐसे में इसे गुरु जी की याद में बनवाया गया था। यहां पर एक सोने से बनी पाल्की भी है, जिसे किसी भक्त ने चढ़ाया था।
  • इस गुरुद्वारे को सिखों के पांच तख्तों में से एक माना जाता है। इसे तलवंडी साबों के नाम से भी जाना जाता है। यह पंजाब के बठिंडा शहर में स्थापित है।
  • इसी पवित्र भूमि पर गुरु गोबिंद जी ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के पूर्ण संस्करण को तैयार किया था।
  • इस पवित्र गुरुद्वारे को भी सिखों के पांच पवित्र तख्तों में से एक माना जाता है।
  • कहा जाता है कि इसे महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। साथ ही पटना की पवित्र भूमि पर ही गुरु गोबिंद जी का जन्म हुआ था।
  • उत्तराखंड की धरती पर स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंठ साहिब अपनी वास्तुकला से दुनियाभर में मशहूर है। माना जाता है कि यह पवित्र गुरुद्वारा समुद्र तल से करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर बना है।
  • उत्तराखंड का स्थान ठंडा होने के कारण साल में अक्तूबर से लेकर अप्रैल तक वहां बर्फ पड़ती है। ऐसे में इस दौरान गुरुद्वारा बंद रहता है।
  • गुरुद्वारा बंगला साहिब को गुरु हरकृष्ण जी ने बनवाया था।
आज सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह की जयंती का शुभ अवसर पूरे देश में बड़ी धूम से मनाया जा रहा है। इस दिन गुरुद्वारों को खासतौर पर फूलों व लाइट्स से सजाया जाता है।

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