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तो इसलिए करते है बच्चे रिश्तों का निरादर

तो इसलिए करते है बच्चे रिश्तों का निरादर
Views:- Friday, August 11, 2017-3:51 PM

आजकल के टाइम में बच्चे सब कुछ सीख लेते है लेकिन रिश्तों की कदर करना नहीं सीखते। अधिकतर पेरेंट्स बच्चों को खाना, बैठना, उठने की शिक्षा तो देते है, मगर उन्हें रिश्तों की कदर करना नहीं सिखा पाते। कई बच्चे तो इस तरह का व्यहवार बाहर से ही सीख कर आते है। इस तरह के बच्चे अपने किसी खिलौने किसी से शेयर करना भी पंसद नहीं करते। इसके अलावा किसी रिश्तेदार या सगे-सम्बंधी के आने पर वो कमरे में चले जाते है। इस तरह के बच्चों को समय रहते बड़ो और रिश्ते की अहमियत न सिखाने पर आपको इसके दुष्परिणाम देखने पड़ सकते है।

 

1. रिश्तेदारों से मिलना जुलना
आजकल के बच्चे रिश्तेदारों से मिलने जुलने की बजाए गेम जोन या मूवी देखना ज्यादा पंसद करते है जबकि रिश्तेदारों से मिलने जुलने वाले बच्चें लोगों का अभिवादन करना, बड़ों के सामने अच्छा व्यवहार, दोस्त बनाने की काबिलियत, रिश्तों को निभा पाना, लोगों को साथ लेकर चलना आदि गुण होते है। जे भविष्य में भी बच्चों के बहुत काम आते है।

2. रिश्तों की अहमियत
बच्चों के इस व्यहवार को पेरेंट्स अक्सर इग्नोर कर देते है, जोकि उनकी सबसे बड़ी गलती है। बच्चों को रिश्तो की अहमियत सिखाने के लिए पेरेंट्स को ही शुरूओत करनी पड़ेगी। बच्चे तब तक रिश्तों की अहमियत नहीं पती चलती जब तक उनके अंदर रिश्तों के प्रति भरोसा नहीं होता। उन्हें इस बात का एहसास कराने के लिए पेरेंट्स को घर से ही शुरूआत करनी पड़ेगी।

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3. सकारात्मक माहौल
अक्सर बच्चों को घर पर ही नेगेटिव माहौल मिलने के कारण वो रिश्तो की कदर करना नहीं जान पाते। अक्सर पेरेंट्स घर में दूसरों की बुराई करते रहते है जिसका बच्चों के दिमाग में वो बात बैठ जाती है। इसके अलावा उन लोगों की बुराई सुनने से बच्चों का उनसे जुड़ाव कम हो जाता है वो भी उनसे बुरा व्हवार करने लगते है। इलिए ये बहुत जरुरी है कि आप अपने बच्चे के सामने किसी की बुराई न करें।

4. बच्चों का नुकसान
अगर बच्चे लोगों से घुलने-मिलने की बजाए रिश्तों से दूर भागेंगे तो आने वाले समय में उन्हें अकेलेपन से लड़ना पड़ सकता है। अकेले रहने के कारण बच्चे गलत संगत में पड़ जाते है। जिससे उन्हें नशे की लत भी लग सकती है। इस तरह के बच्चे लोगों पर भरोसा बहुत कम करते है। पेरेंट्स को उन्हें दूसरे बच्चों और रिश्तेदारों से घुलने मिलने के लिए फोर्स करना चाहिए। इसके लिए आप उन्हें छोटी-मोटी लालच देकर भी प्रेरित कर सकते है।

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5. बच्चों के मन का माहौल बनाना
कई बार बच्चों को मन का माहौल न मिलने पर वो इस तरह के हो जाते है। ऐसे में उन्हें लगता है कि कोई उनसे प्यार नहीं करता। ऐसे में वो आपके साथ भी कहीं घूमना पंसद नहीं करते है। ऐसे में आप बच्चों को घूमाने के लिए किसी रिश्तेदार, दोस्त या कज़ेन्स के यहां पर लें जाएं। इससे उनका मन भी लगा रहेगा और वो रिश्तों का कद्र भी करेंगे।