You are herehealth

खतरे से खाली नहीं है सिर को Cool-Cool रखने वाला तेल

खतरे से खाली नहीं है सिर को Cool-Cool रखने वाला तेल
Views:- Tuesday, May 16, 2017-5:08 PM

पंजाब केसरी(सेहत): गर्मियों में लोग खुद को ठंडा रखने के लिए कई तरीक अपनाते हैं। कुछ लोग ठंडक पहुंचाने वाले तेल से सिर की मालिश भी करते हैं। अगर आप भी इस तरह के तेल का इस्तेमाल करते है तो सावधान हो जाएं क्योंकि इससे सेहत संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी के मौसम में ठंडक दिलाने वाले इन तेलों से आंखों की रोशनी कम और तंत्रिका संबंधी बीमारियां होने का खतरा हो सकता है। 

अमिताभ बच्चन से की प्रचार ना करने की अपील
पिछले 2 सालों के दौरान पूर्वांचल और बिहार के करीब 500 मरीजों पर शोध करने के बाद बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर विजयनाथ मिश्रा ने महानायक अमिताभ बच्चन से कपूर मिश्रित ठंडे तेल का प्रचार ना करने की अपील की है। उनका कहना है कि कपूर मिश्रित ठंडे तेल के रोजाना इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी पर असर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा दिमाग में सूजन और तंत्रिका संबंधी अन्य बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। 

डीएसटी को भेजी गई रिर्पोट
प्रोफेसर मिश्रा ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया बेवसाइट ट्विटर पर महानायक अमिताभ बच्चन से बाजार में बिकने वाले कपूर मिश्रित तेलों का विज्ञापन ना करने की गुजारिश की है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आई.एम.एस) की ओर से केन्द्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी (डी.एस.टी) को इसके बारे में 71 मरीजों की एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट भेजी गई है। उन्होंने बताया कि आई.एम.एस. ने इस रपोर्ट में डीएसटी से बाजार में बिकने वाले ठंडे तेलों में कपूर की मात्रा निर्धारित करने की अपील की है।  

तनाव दूर करने के लिए ठंडे तेलों का इस्तेमाल करते हैं लोग
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजी विभाग के ओपीडी में पूर्वांचल और बिहार के करीब 500 मरीजों पर पिछले 2 सालों के दौरान किए गए शोध में पाया गया है कि लोग अनिद्रा या तनाव दूर करने के लिए ठंडे तेलों का इस्तेमाल करते हैं जिसके कारण उन्हें मिर्गी, एक्जिमा, नर्वस सिस्टम, पाचन तंत्र, किडनी, सांस लेने और तंत्रिका संबंधी अनेक बीमारियां का सामना करना पड़ता हैं। यहीं नहीं, ये तेल प्रैग्नेंट और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए भी हानिकारक है।